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बढ़ते अपराधों पर मुख्यमंत्री सख्त, अफसरों को अल्टीमेटम

Mon, 05 Jun 2017 01:17 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
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allahabad
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ समीक्षा बैठक के दौरान मंडल में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सख्त दिखे। एक के बाद एक हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं होने और उनका खुलासा न होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। नवाबगंज के जूड़ापुर में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या का राज न खुलने पर डीजीपी तक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक हैं। ऐसी किसी भी घटना पर अपराधी की हिस्ट्रीशीट तैयार कर सख्त कार्रवाई की जाए। इससे पहले उन्होंने अर्द्धकुंभ-2019 की तैयारियों की समीक्षाकी, जिसमें प्रयागराज संगम प्राधिकरण के गठन पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से कहा कि संशोधित बजट हर हाल में 30 जून तक तैयार हो जाना चाहिए। अफसरों को हिदायत दी कि गैर जरूरी और बंदरबांट वाले प्रस्ताव योजना से बाहर किए जाएं।
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सरकिट हाउस में समीक्षा के  दौरान मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि जनता के प्रति संवेदनशील हो जाइए और विश्वास जीतिए। जनप्रतिनिधियों से  बेहतर संवाद रखें। सीयूजी नंबर बंद न हों और उन पर आने वाली जानकारियों को गंभीरता से लें। इलाहाबाद मंडल में डा. बंसल हत्या कांड, जूड़ापुर में एक ही परिवार चार लोगों की हत्या सहित आधा दर्जन जघन्य घटनाओं का हवाला देकर कहा कि अभी तक इनके अपराधियों की गिरफ्तारी न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई का असर जनता में दिखना चाहिए। एडीजी जोन से कहा कि वह टीम बनाकर जेल में छापे डलवाएं। वहां असलहे, मोबाइल आदि मिलें तो जेल अधीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करें। जेल सुधारगृह हैं, काले कारनामों का अड्डा नहीं। एंटी रोमियो टीम रात में 12 से एक बजे तक घूमने वाले युवक व युवतियों को थाने में बैठाए और उनके माता-पिता को बुलाकर उन्हें सौंपे।

उन्होंने अपराधियों से सांठगांठ करने वाले पुलिस कर्मियों की डीजीपी को सूची तैयार करके बरखास्त करने के निर्देश दिए। जरूरी नहीं है कि इंस्पेक्टर ही थाना चलाएंगे। सब इंस्पेक्टर थाना चलाने में सक्षम हों तो उनको थानों का चार्ज दें। डायल 100 सेवा में तैनात पुलिस कर्मियों की समीक्षा के आदेश दिए। कहा कि इलाहाबाद से 100 डायल सेवा की शिकायतें मिलीं हैं, नए सिरे से इस सेवा के पुलिस कर्मियों की तैनाती करके हाईवे पर गश्त में लगवाएं। शातिर अपराधियों के खिलाफ कागजी कार्रवाई न करके हकीकत में अभियान चलाएं।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर समीक्षा में मुख्य सचिव राहुल भटनागर और मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल की ओर से मेला प्राधिकरण का प्रारूप रखा गया। इसमें प्राधिकरण के गठन, सदस्यों की संख्या के साथ वह काम कैसे करेगा, इसका पूरा खाका तैयार किया गया है।

प्राधिकरण खुद कमाई से कार्य करेगा। राजस्व के लिए मेला क्षेत्र में स्थायी और अस्थायी दुकानों के निर्माण के अलावा कई अन्य तरह के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कमिश्नर और डीएम को प्राधिकरण के प्रारूप को अंतिम रूप देने को कहा। ताकि, इसके गठन के साथ काम शुरू किए जा सकें। अर्द्धकुंभ आयोजन से जुड़े विभागों की ओर से प्रस्तुत 28 अरब रुपये के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सहमत नहीं थे। उनका कहना था कि सरकार इतना पैसा नहीं दे पाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि गैर जरूरी प्रस्ताव योजना से बाहर किए जाएं। सभी विभाग पहले विभागीय बजट से कार्य की योजना बनाएं। आवश्यकता पड़ने पर शासन से अतिरिक्त बजट की मांग करें। मुख्यमंत्री ने यह भी हिदायत दी कि काम समयबद्ध तरीके से हो और उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने 10 से 30 जून के बीच एक और बैठक की बात कही।

बैठक की समाप्ति के बाद शाम तकरीबन 5.30 बजे मुख्यमंत्री पुलिस लाइन और  वहां से हेलीकॉप्टर से  लखनऊ रवाना हो गए । बैठकों में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, श्रीकांत शर्मा, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राज्यमंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, डीजीपी सुलखान सिंह, प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, प्रशांत त्रिवेदी, मृत्युंजय नारायण, सांसद, विधायक तथा संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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