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चीफ जस्टिस से वार्ता के बाद हाईकोर्ट में हड़ताल खत्म

Wed, 18 Mar 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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अचानक बदले घटनाक्रम के तहत हाईकोर्ट के वकीलों ने अपनी हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार से हाईकोर्ट में सामान्य रूप से कामकाज होगा। मुख्य न्यायाधीश डा. डीवाई चंद्रचूड और बार के पदाधिकारियों के बीच वार्ता के बाद वकीलों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया। हालांकि बुधवार को अधिवक्ता पूरे दिन हड़ताल पर रहे और कोई भी न्यायिक कार्य नहीं हुआ।
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बुधवार को पूर्व निर्धारित कार्र्यक्रम के अनुसार हाईकोर्ट के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। अदालतें बैठी पर वकीलों के गैरहाजिर होने से कोई काम नहीं हो सका। इसके बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का शिष्टमंडल चीफ जस्टिस और अन्य न्यायाधीशों से मिला। वकीलों ने इलाहाबाद के एसएसपी और डीएम को हटाए जाने की मांग दोहराई। मगर जजों का मत था कि कचहरी के वकीलों की अधिकतर मांगे मानी जा चुकी है। न्याय और वादकारियों का हित देखते हुए उनको अब काम पर लौट आना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने आश्वासन दिया कि जस्टिस पीकेएस बघेल द्वारा की जा रही जांच को शीघ्र पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। मुआवजे और दूसरी बची मांगोें के भी शीघ्र पूरा होने का आश्वासन दिया गया।

जजों से वार्ता के बाद लाइब्रेरी हॉल में आम सभा बुलाकर हड़ताल स्थगित करने और बृहस्पतिवार से न्यायिक कार्य प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। तय किया गया कि डीएम और एसएसपी के स्थानांतरण के लिए वरिष्ठ सदस्यों की एक कमेटी बनाकर दबाव बनाए रखा जाएगा। वकीलों के शिष्टमंडल में और सभा में राकेश पांडेय और सीपी उपाध्याय सहित पूर्व महाधिवक्ता एसपी गुप्ता, ओपी सिंह, आरके ओझा, अनिल तिवारी, प्रभाशंकर, केके द्विवेदी, राजेश कुमार, विजय गौतम, एके ओझा, अभिषेक चौहान, राजीव शुक्ला, मृत्युंजय तिवारी आदि मौजूद थे।
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हाईकोर्ट के वकीलों का एक गुट बार एसोसिएशन के फैसले से सहमत नहीं है। पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु पांडेय की अध्यक्षता में शाम चार बजे हुई बैठक में कहा गया कि बार ने हड़ताल नियमविरुद्ध तरीके से वापस ली है। इस तबके के वकीलों ने बृहस्पतिवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। उनकी बैठक में दिवंगत अधिवक्ता नबी अहमद के पिता भी मौजूद थे। हालांकि अध्यक्ष राकेश पांडेय का कहना है कि यह सूचना सिर्फ मीडिया तक पहुंचाई गई है उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। इसी प्रकार से कोषाध्यक्ष राजीव शुक्ला के इस्तीफे को लेकर भी बार ने सवाल उठाए हैं। उनका इस्तीफा एल्डर कमेटी को संबोधित है। उन्होने भी हड़ताल खत्म करने के विरोध में इस्तीफा दिया है। अध्यक्ष राकेश पांडेय के मुताबिक मौजूदा समय में एल्डर कमेटी अस्तित्व में नहीं है, ऐसे में इस्तीफे का अस्तित्व नहीं है।
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