लाइन लॉस और बिजली चोरी पर कैसे लगाएंगे लगाम
जोन के चारों जिलों में इसकी स्थिति अलग-अलग होगी। बिजली की चोरी रोककर ही उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान की जा सकती है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि कनेक्शन की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जाए। लोगों को कनेक्शन आसानी से मिलने लगेंगे तो बिजली की चोरी भी काफी कम होगी। साथ ही लाइन लॉस और बिजली चोरी वाले मोहल्लों को चिह्नित कर वहां अभियान भी चलाया जाएगा।
सबसे बड़ी चुनौती क्या है
विभाग सीधे जनहित से जुड़ा हुआ है, यहां हर दिन अलग-अलग चुनौतियां हैं। माघ मेला-2024 और महांकुभ-2025 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जिसपर विशेष ध्यान होगा। कुंभ में देश ही नहीं विदेश से भी भक्तजन प्रयागराज पहुंचते हैं। ऐसे में विद्युत की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सबसे बड़ी चुनौती है।
अधिकारियों के फोन न उठना सबसे गंभीर समस्या है, इसको लेकर क्या कहेंगे
आमतौर पर ऐसी शिकायतें विभाग में आती ही हैं। उपभोक्ता अधिकारियों को फोन तब ही करते हैं, जब फॉल्ट या ब्रेकडाउन होता है। ऐसे मेंं अधिकारियों पर भी दबाव होता है कि वह जल्द आपूर्ति बहाल कराएं। ऐसे समय में उपभोक्ताओं के फोन उठाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, फिर भी उपभोक्ताओं से संवाद तो होना ही चाहिए। इसके लिए उपकेंद्र स्तर पर स्थानीय प्रबुद्धजनों का व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया जाएगा, ताकि ऐसी सूचनाएं मैसेज के माध्यम से पहले ही दे दी जाएं। इसके अलावा हर उपभोक्ता के लिए वह खुद भी उपलब्ध हैं, कोई भी उनसे कभी भी संपर्क कर सकता है।
मुख्य अभियंता विनोद गंगवार को उनके सेवानिवृत्त होने पर उनका चित्र भेंट करते एक्सईएऩ मनोज गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला।
गंगा किनारे शुरू हुआ सफर, त्रिवेणी पर आकर थमा... सुनहरी रहीं यादें : विनोद गंगवार
प्रयागराज। मुख्य अभियंता प्रयागराज जोन के पद से सेवानिवृत्त हुए विनोद कुमार गंगवार ने कहा कि इस शहर ने उन्हें बहुत सारी यादें दी हैं, जिसे वह हमेशा सहेज कर रखेंगे। कहा कि उनका जन्म गंगा के किनारे फर्रुखाबाद शहर में हुआ। पहली तैनाती भी मां गंगा के किनारे कानपुर में हुई। इसके बाद यमुना तट पर स्थित मथुरा में अपनी सेवाएं दीं और सबसे खुशी की बात यह है कि कार्यकाल के अंतिम वर्षों में त्रिवेणी के तट पर सेवा करने का मौका मिला।
कुंभ मेला-2019 के आखिरी दिनों में प्रयागराज आने और महाकुंभ-2025 की तैयारियों में अहम भूमिका निभाने का मौका मिला। इस शहर में आकर सेवा और श्रद्धा दोनों ही भाव से कार्य करने को मिला, जिसकी सबसे ज्यादा खुशी है। विनोद गंगवार ने कहा कि इस शहर के उपभोक्ताओं से एक आत्मीय रिश्ता भी कायम हुआ है, जो हमेशा उन्हें इस शहर की ओर खींचता रहेगा।
वह सेवा पद से भले ही सेवानिवृत्त हो गए हों, लेकिन प्रयागराज आना-जाना बना रहेगा। उन्होंने अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि अपने कार्यकाल में तीन माघ मेला का सफल आयोजन कराना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।