कैबिनेट मंत्री नंदी ने कहा कि शतरंज भारत का पारंपरिक खेल है। देश में होने वाले ओलंपियाड से भारतीयों को इससे जुड़ने का मौका मिलेगा। अध्यक्ष संजय कपूर ने कहा कि यह हमारे देश का खेल था। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से पूरे देश में वसुधैव कुटुंबकम का संदेश जाएगा।
देश में पहली बार हो रहे 44वें चेस ओलंपियाड के आयोजन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई मशाल यात्रा के संगमनगरी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने स्वयं मशाल यात्रा की अगवानी की। सोमवार को मशाल को हाथ में थामे ग्रैंडमास्टर वुमैन वंतिका अग्रवाल की अगुआई में मशाल यात्रा के चंद्रशेखर आजाद पार्क पहुंचने पर वहां मौजूद खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। सबसे पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए गए।
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कैबिनेट मंत्री नंदी ने कहा कि शतरंज भारत का पारंपरिक खेल है। देश में होने वाले ओलंपियाड से भारतीयों को इससे जुड़ने का मौका मिलेगा। अध्यक्ष संजय कपूर ने कहा कि यह हमारे देश का खेल था। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से पूरे देश में वसुधैव कुटुंबकम का संदेश जाएगा। इस मौके पर मंडलायुक्त संजय गोयल, जिलाधिकारी संजय खत्री, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के अलावा सैकड़ों शतरंज के खिलाड़ी भी मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री नंदी और ग्रैंडमास्टर तेजस बकरे ने शतरंज प्रतियोगिता खेलकर शतरंज मशाल को प्रयागराज से वाराणसी के लिए रवाना किया।
देश में पहली बार हो रहा है ओलंपियाड
शतरंज ओलंपियाड का यह 44वां वर्ष है और यह इतिहास में पहली बार भारत में आयोजित हो रहा है। तमिलनाडु के महाबलिपुरम में 28 जुलाई से शुरू हो रहे शतरंज ओलंपियाड में 147 देशों से 2200 खिलाड़ी शिरकत करेंगे। पहली बार शतरंज मशाल यात्रा निकाली गई है। बताया गया कि अब जब भी शतरंज ओलिंपियाड होगा, उसकी मशाल यात्रा की शुरुआत भारत से ही होगी। मंडलायुक्त, जिलाधिकारी एवं मेयर ने भी प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया कार्यक्रम की तारीफ करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के खत्म होने के बाद मशाल यात्रा वाराणसी के लिए रवाना हो गई। यात्रा की शुरुआत दिल्ली से पीएम नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर की थी।