इलाहाबाद (ब्यूरो)। नगर निगम ने सिविल लाइंस, लीडर रोड पर जंक्शन के सामने, रामबाग चौराहा, जवाहर लाल नेहरू रोड और हाशिमपुर में रोड पटरी पर बनी सैकड़ों दुकानें तो गिरा दी लेकिन नखास कोहना स्थित सस्ता बाजार के खिलाफ अफसर कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। निगम ने यहां रविवार को दुकानें गिराने की तैयारी की थी, लेकिन इसके पहले शनिवार को वहां के दुकानदार कुछ पार्षदों के साथ महापौर के पास पहुंचे। उसके बाद नगर निगम ने रविवार का अभियान एक बार फिर स्थगित कर दिया।
नखास कोहना में सस्ता बाजार के रूप में रोड पटरी पर 70 से अधिक दुकानें बनी हैं। इन दुकानों को नोटिस देने के बाद महाकुंभ के पहले ही गिराया जाना था लेकिन दुकानदारों और कुछ पार्षदों के विरोध के चलते नगर निगम यहां तीन वर्ष बाद भी कार्रवाई नहीं कर सका। इसके विपरीत निगम ने अन्य बाजारों में रोड पटरी के दुकानदारों के नोेटिस के बाद बिना समय दिए दुकानें जमीदोंज कर दी लेकिन सस्ता बाजार हटाने में अफसरों को पता नहीं क्या डर सता रहा है। हालांकि चर्चा है कि यहां दुकानें गिराने पर बवाल हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि निगम के अफसर हिम्मत ही न करें।
सिविल लाइंस में नवाब यूसुफ रोड, महात्मा गांधी मार्ग, रामबाग, जेएलएन रोड पर निगम ने भारी संख्या में पुलिस बल के साथ कार्रवाई की। यहां पार्षदों ने कोई विरोध नहीं किया, सो सस्ता बाजार हटाने के लिए भी यही होना चाहिए, जिसे करने में अफसरों को डर सता रहा है। शनिवार को पार्षद निजामउद्दीन, राजेश कुशवाहा आदि के नेतृत्व में दुकानदारों ने महापौर से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की और कहीं दूसरी जगह बसाने के बाद ही दुकानें हटाने की मांग की। इसके बाद रविवार को चलने वाला निगम का अभियान स्थगित हो गया।
सदियापुर में पेयजल संकट पर जीएम को घेरा
इलाहाबाद (ब्यूरो)। सदियापुर में पेयजल के विरोध में स्थानीय लोगों ने पार्षद गिरी शंकर प्रभाकर एवं गणेश केसरवानी के नेतृत्व में शनिवार को जलकल विभाग के महाप्रबंधक का घेराव किया। इस दौरान कहा गया कि सदियापुर में तीन माह से पानी की भीषण समस्या है। अफसरों की लापरवाही के कारण यहां का ट्यूबवेल खराब पड़ा है। इसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। पार्षदों ने चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान न हुआ तो जीएम कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया जाएगा। घेराव में राजेश कुशवाहा, संजय निषाद, ज्ञानचंद्र भारतीय, पारस निषाद, बिंदू निषाद, श्याम बाबू, गीता देवी आदि शामिल थीं।