धर्मेंद्र सिंह। फाइल फोटो
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सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई तस्वीरें
जिस जगह पर वारदात हुई, वहां आसपास फिलहाल कोई सीसीटीवी कैमरा पुलिस को नहीं मिला है। हालांकि रास्ते पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में उनकी तस्वीर कैद हुई है। इस फुटेज के जरिए उनकी तलाश की जा रही है।
स्मैकियों पर शक, शाम होते ही लगता है जमावड़ा
वारदात जिस बेखौफ तरीके से अंजाम दी गई, उससे इसमें स्मैकियों के हाथ होने का भी शक जताया जा रहा है। दरअसल धूमनगंज का नीवा, गढ़वा, ताड़बाग, पीपलगांव नशेड़ियों के लिए कुख्यात है। शाम होते ही इन मोहल्लों में नशेड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। सरेराह गुंडई के अलावा नशे की लत पूरा करने के लिए वह लूट, छिनैती की वारदातें करते हैं। फरवरी में पुलिस ने ऐसे ही दो बदमाशों को रम्मन का पुरवा तिराहे से गिरफ्तार किया था। दोनों ने अपने एक अन्य साथी संग मिलकर पीपलगांव निवासी शिक्षक बृजेश कुमार से लाइसेंसी बंदूक लूट ली थी।
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजन।
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दो साल पहले भी हुई थी फौजी की हत्या
धूमनगंज में दो साल पहले भी एक फौजी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। 13 फरवरी 2021 की रात परिचित युवती के साथ नीमसराय में गए सेना के जवान आशुतोष सिंह की ईंट-पत्थर से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। सात स्मैकियों ने वारदात को अंजाम दिया था। फौजी की हत्या के बाद हत्यारों ने युवती से सामूहिक दुष्कर्म भी किया था। चार दिन बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया, तब पता चला था कि सभी की उम्र 18 से 20 साल के बीच की थी।