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4.25 करोड़ के गबन में आरोपी पूर्व अधिकारी पर चार्जशीट

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सुलेमसराय स्थित बैंक ऑफ इंडिया में जुलाई में हुई थी घटना
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नामजद दो अन्य आरोपियों के बारे में जुटाई जा रही जानकारी
प्रयागराज। बैंक ऑफ इंडिया की सुलेमसराय शाखा में 4.25 करोड़ के गबन के मामले मेें आखिरकार पुलिस की नींद टूटी। विवेचना में तेजी लाते हुए पिछले दिनों पुलिस ने आरोपी पूर्व करेंसी चेस्ट अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। साथ ही उसका कहना है कि अन्य दोनों नामजद आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सुलेमसराय स्थित बैंक ऑफ इंडिया में तीन जुलाई को 4.25 करोड़ के गबन का मामला सामने आया था। आंतरिक ऑडिट के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ में आई थी। मैनेजर की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था कि करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम से पूछताछ हुई तो उसने गबन की बात स्वीकार की। साथ ही बताया कि निजी फायदे के लिए उसने गलत तरीके से उक्त रकम अपने दो परिचित एसके मिश्र व संजू मिश्र को दी। जिसके बाद तीनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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मामला दर्ज होने के बाद से ढाई महीने बीतने के बाद भी कोई प्रगति नहीं होने पर अमर उजाला ने इस लापरवाही के बाबत प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। ‘4.25 करोड़ का गबन, चार कदम भी आगे नहीं बढ़ी जांच’ शीर्षक से प्रकाशित इस खबर में बताया गया था कि कैसे पुलिस इतनी बड़ी सरकारी रकम के गबन मामले को लेकर भी गंभीर नहीं है। खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस की नींद टूटी और फिर विवेचना में तेजी लाई गई। जिसके बाद आरोपी पूर्व करेंसी चेस्ट अधिकारी के खिलाफ आरोप सही पाए जाते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। जबकि मामले में नामजद अन्य दो अभियुक्तों के संबंध में विवेचना जारी है।
सहायक का भी लिया नाम
सूत्रों की मानें तो इस मामले में विवेचना के दौरान एक और बात सामने आई है। जिससे इस बात की भी आशंका है कि घटना में कुछ अन्य बैंककर्मियों की भी संलिप्तिता रही। दरअसल आरोपी पूर्व करेंसी चेस्ट अधिकारी ने पुलिस को बताया है कि उसकी अनुपस्थिति में चाबी सहायक के पास रहती थी। पुलिस का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ किसी अन्य बैंककर्मी ने भी गलत तरीके से रकम किसी को दी या नहीं?
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महीनों छकाने के बाद किया था सरेंडर
बता दें कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी चेस्ट करेंसी अधिकारी गायब हो गया था। पुलिस महीनों तलाश में लगी रही लेकिन उसका पता नहीं चल सका। पुलिस उसे बलिया, लखनऊ, पूणे में ढूढ़ती रही और करीब एक महीने बाद पुलिस को छकाते हुए उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। एक खास बात यह है कि पुलिस अब तक इस बात का पता नहीं लगा सकी है कि बैंक से गायब रकम का क्या हुआ। आरोपी पूर्व अधिकारी को रिमांड पर लेकर पुलिस उसके गुलटेरिया अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर भी गई लेकिन वहां भी कुछ हासिल नहीं हुआ था।
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