इनमें आठ के खिलाफ आईपीसी की 302, 120बी, 34, 201 और पांच के खिलाफ 212 और 216 के तहत आरोप लगाए गए हैं। सत्र न्यायालय अब इस मामले में परीक्षण शुरू करेगा। सरकार की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता मृत्युंजय त्रिपाठी ने पक्ष रखा।
अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) वीरेंद्र सिंह ने लखनऊ में 18 अक्तूबर 2019 को हुई हिंदू महासभा अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में 13 लोगों पर आरोप तय कर दिए हैं। इनमें आठ के खिलाफ आईपीसी की 302, 120बी, 34, 201 और पांच के खिलाफ 212 और 216 के तहत आरोप लगाए गए हैं। सत्र न्यायालय अब इस मामले में परीक्षण शुरू करेगा। सरकार की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता मृत्युंजय त्रिपाठी ने पक्ष रखा।
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न्यायालय ने अशफाक, मोईनुउद्दीन, सैयद आसिम अली, मो. जाफर सादिक कुप्पेयर, पठान रशीद अहमद, फैजान मेंबर, मोहसिन सलीम शेख, युसुफ खान पर आरोप तय किए। अशफाक और मोईनुद्दीन पर चाकू एवं गोली मारकर हत्या करने, फर्जी फेसबुक आईडी तैयार करने, सैयद आसिम अली पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित कर लोगों की भावनाएं भडक़ाने, साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया गया है।
युसुफ खान को पिस्टल, कारतूस उपलब्ध कराने, मो. जाफर सादिक कुप्पेयर पर हत्यारोपियों को पनाह देने, साजिश को अंजाम देने के लिए नाम परिवर्तित करने, धोखा देने के आरोप लगाए गए हैं। कैफ अली, मो. नावेद, रईस अहमद, मो. कामराज, मो. आसिफ रजा को हत्यारोपियों को पनाह देने, अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नंबर को हटाकर साक्ष्य मिटाने का आरोपी बनाया गया है।