अगले तीन दिन में आरोपियों को न्यायालय के कटघरे में लाकर आरोप पत्र भी सुना दिया जाएगा। इन मामलों में 30 दिनों के अंदर गवाहों की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध न्यायालय से किया जाएगा। स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने प्रदेश के सभी एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी और पुलिस कमिश्नरों को पत्र भेजकर सात जून से ही टाइम फ्रेम निर्धारण के निर्देश दिए हैं।
एफआईआर की कॉपी प्रतिदिन भेजी जाएगी मुख्यालय
शीर्ष प्राथमिकता वाले इन तीनों प्रकरणों से संबंधित जो भी एफआईआर दर्ज होगी, उसकी जानकारी प्रतिदिन पुलिस कमिश्नरेट और जोनल कार्यालय के माध्यम से डीजीपी मुख्यालय को देनी होगी। इसके साथ-साथ इन मामलों की सुबह दस बजे तक पूरी जानकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उत्तर प्रदेश को भी ईमेल के जरिये उपलब्ध करानी होगी।