फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंद्रयान-2 शहरियों ने आंखों ही आंखों में काटी रात

विज्ञापन
Chandrayaan-2 citymen spent the night in the eyes
विज्ञापन
प्रयागराज। चांद की सतह पर शुक्रवार देर रात चंद्रयान-2 की लैंडिंग को लाइव देखने के लिए शहरियों ने आंखों ही आंखों में रात काटी। उत्साहित शहरी देर रात से भोर तक टीवी से चिपके रहे। देश के लिए गर्व के इस क्षण को देखने के लिए बड़े ही नहीं बच्चे भी जागते रहे। छात्र-छात्राओं ने ग्रुप बनाकर शिक्षकों के साथ इस खास पल को देखा। विज्ञान क्लबों और अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञों ने इस ऐतिहासिक नजारे को देखने के लिए विशेष इंतजाम किए।
विज्ञापन




रात 12 बजे के बाद सोशल मीडिया पर युवा सक्रिय हो गए। कहीं स्क्रीनिंग तो कहीं देश की शान में कसीदे गढ़ने वाले मैसेजों की भरमार रही। विज्ञान के छात्र तो टीवी पर निगाहें लगाए रहे वहीं घर के छोटे बच्चे भी बड़ों की बातें सुनकर उनके साथ जागते रहे।
विज्ञान के शिक्षक आरपी सिंह शुक्रवार रात अपने छात्र अर्श सहगल के मीरापुर स्थित उसके घर पहुंचे। उत्साहित अर्श आरपी सर से सवाल पर सवाल करता रहा। कॉफी के साथ अर्श ने ही नहीं उसके बाबा केपी सहगल, पिता विवेक, मां रश्मि भी देर रात तक टीवी देखती रहीं। हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त केपी सहगल ने कहा, यह देशवासियों के लिए गर्व की बात है।
विज्ञापन

ममफोर्डगंज निवासी बिशप जानसन स्कूल एंड कॉलेज के छात्र उत्कर्ष पांडेय ने कहा, हमारे वैज्ञानिकों ने वह कर दिखाया, जो बडे़ देश काफी प्रयास के बाद भी नहीं कर पाए। पिता सूर्यकांत पांडेय, मां सोनी पांडेय और छोटी बहन स्वाती अपने भाई के साथ टीवी देखती रही।
कीडगंज निवासी विनायक टीवी के सामने तो बैठे लेकिन जीएचएस में कक्षा दो में पढ़ने वाली अपनी बेटी अद्विका के सवालों में ही उलझे रहे। वह कभी बड़ी मां तो कभी बुआ और दादी से इस बारे में जानकारी लेती। जब बड़े कहते कि सो जाओ, सुबह स्कूल जाना है, कहने पर चुप्पी साध लेती।
करेलाबाग निवासी सुधीर श्रीवास्तव परिवार ही नहीं दोस्त तेजप्रताप, दीपक और अमित के साथ वीडीओ कॉल कर चंद्रयान-2 की लैंडिग लाइव के बारे में बातें करते रहे। रात में चला टीवी चलता ही रहा और सब वहीं डटे रहे। सुधीर ने कहा, यह पल हमारे लिए और पूरे देश के लिए इसलिए भी अद्भुत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें