वासंतिक नवरात्र में संगम तट से विश्व कल्याण के लिए चंडी होम अनुष्ठान कर सर्व मंगल की कामना की गई। यह अनुष्ठान तीन प्रमुख आध्यात्मिक तीर्थों में होगा। प्रयागराज के बाद रविवार को अयोध्या और सोमवार को काशी में चंडी होम होगा। 10 अप्रैल को नेपाल केे काठमांडो स्थित पशुपति नाथ मंदिर में महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। कोयंबटूर के द्रोपदी महापीठम के प्रमुख आचार्य स्वामी रामानुजन के आचार्यत्व में संगम स्थित शंकर विमान मंडपम में कांचीकामकोटि पीठ के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां चंडी का दरबार सजाया।
देवी के विविध रूपों की धूप, दीप, नैवेद्य के साथ स्थापना कर चंडी होम किया गया। रविवार की सुबह चंडी होम अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी। शाम को अयोध्या में चंडी होम कराया जाएगा। सोमवार को दक्षिण भारतीय आचार्यों की ओर से काशी में महायज्ञ होगा। इसके बाद नेपाल के काठमांडो में विशेष पूजन कर विश्व शांति और कल्याण की कामना की जाएगी।
स्वामी रामानुजन ने बताया कि मां भगवती से इस अनुष्ठान के जरिए व्यष्टि से लेकर समष्टि तक सबके कल्याण और सुख-शांति की कामना की जाएगी। इस महायज्ञ परिसर में कांचीकामकोटि पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की प्रतिमा भी स्थापित की गई थी।