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कुलपति का फूंका पुतला, परिसर में बढ़ा तनाव

Sat, 11 Feb 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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छात्र के आत्मदाह तथा लाठीचार्ज की घटना ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के गुस्से को और भड़का दिया है। आंदोलनकारी छात्रों का क्रमिक अनशन शुक्रवार को भी जारी रहा। छात्रों ने कुलपति का पुतला भी फूंका। छात्रों ने बड़े आंदोलन की घोषणा की। ऐसे में परिसर में सोमवार को बवाल की भी आशंका बन गई है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए छात्रों ने जगह-जगह सभा भी की।
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विश्वविद्यालय में शुक्रवार को माघी पूर्णिमा का अवकाश रहा। इसकी वजह से परिसर में खामोशी छाई रही लेकिन अनहोनी की आशंका हर समय बनी हुई है। इसके मद्देनजर कुलपति दफ्तर के पास फोर्स तैनात रही। इस सन्नाटे के बीच छात्रसंघ भवन पर क्रमिक अनशन जारी रहा। प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने, लाइब्रेरी से पुस्तक निर्गत करने तथा रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी के पद पर स्थाई नियुक्ति किए जाने की मांग को लेकर छात्रसंघ की अगुवाई में छात्रों ने कुलपति का पुतला दहन भी किया। आंदोलन में छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा, उपाध्यक्ष अदील हमजा आदि शामिल रहे।

इससे ईतर आंदोलन के समर्थन में छात्रों ने अमरनाथ झा छात्रावास चौराहा समेत कई जगहों पर सभा की। उन्होंने जनसंपर्क अभियान भी चलाया। सभा में छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, सौरभ आदि छात्रों ने आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। एबीवीपी ने छात्रों की मांग का समर्थन किया है। रिंकू पयासी ने कहा कि 13 मार्च को कुलपति के घेराव में संगठन के कार्यकर्ता शामिल होंगे।
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 इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अफसरों के खिलाफ एफआईआर नहीं लिखे जाने से नाराज छात्रों ने मार्च निकाला। छात्र चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ एफआईआर लिखे जाने की मांग कर रहे थे। विश्वविद्यालय के अलावा पुलिस प्रशासन से नाराज छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफा की भी मांग की।

छात्रसंघ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के नेतृत्व में छात्रों की ओर से बृहस्पतिवार की रात में ही तहरीर दी गई थी। इसी क्रम में शुक्रवार को फोरम फॉर कैंपस डेमोक्रेसी के बैनर तले छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ एफआईआर लिखाने के लिए कर्नलगंज थाना पहुंचे। वे आत्मदाह तथा लाठीचार्ज के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को दोषी ठहराते हुए एफआईआर लिखे जाने की मांग कर रहे थे।

इसके विपरीत पुलिस के अफसरों ने उन्हें ही घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। छात्रों का कहना था कि पुलिस ने उनके खिलाफ ही कार्रवाई की चेतावनी दी। इससे नाराज छात्रों ने लक्ष्मी टाकीज चौराहा से नेतराम होते हुए विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला। मार्च निकालने वालों में रितेश विद्यार्थी, शक्ति रजवार, अंतस सर्वानंद, अमित, सुभाष, मानविका, साकिब, चंदन, रणविजय, सुजीत आदि शामिल रहे।
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