अभिभावकों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं
इस मामले में सबसे खास बात यह कि मौके पर मौजूद करीब दो दर्जन अभिभावकों की ओर से पुलिस को दी गई लिखित शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस शिकायती पत्र में घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। प्रभारी एसएसआई इंद्रमणि ने बताया कि फिलहाल कोई बतौर वादी सामने नहीं आया है। ड्राइवर से भी पूछताछ की गई लेकिन वह लिखित शिकायत देने को तैयार नहीं हुआ।
बच्ची के परिजनों की ओर से भी कोई शिकायत नहीं मिली। स्कूल की ओर से घटना की सूचना दी गई, उसमें भी किसी का नाम नहीं है। फिलहाल बच्चा चोरी के आरोपों की पुष्टि नहीं होने पाई है। ऐसे में आरोपी का शांतिभंग में चालान किया गया है। उधर इस मामले में एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय का कहना है कि बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति को पुलिस के सुपुर्द किया गया था। आरोपों के संबंध में कोई भी पुष्टिकारक तथ्य प्रकाश में नहीं आया है।
यह थी घटना
नौ सितंबर को आरोपी जीएचएस गेट के पास बच्ची को हाथ पकड़कर अपने साथ ले जाते पकड़ा गया था। मौके पर मौजूद रहे अभिभावकों ने बताया था कि पूछताछ करने पर उसने भागने की कोशिश की। उसके बैग से स्प्रे, डायरी, चॉकलेट, ब्लेड व टेप भी मिला। उसके साथ कुछ अन्य लोग भी थे जो भाग निकले। अभिभावकों ने इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में लिखित शिकायत की। शिकायती पत्र में कुल 22 अभिभावकों व सात वाहन चालकों के हस्ताक्षर हैं। अभिभावकों में पवन केशरवानी, अधिवक्ता जितेंद्र शाही, अमित सोनकर, मोहित गुप्ता, विवेक, अनुपम व अन्य के नाम शामिल हैं।
संदिग्ध की सूचना दें, अफवाह न फैलाएं
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि बच्चा चोरी के संबंध में अफवाह फैलाकर भय व्याप्त करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखती है तो 9454405264 पर या प्रयागराज पुलिस के ट्विटर हैंडल पर सूचना दें। फर्जी मैसेज, पोस्ट या ट्वीट करने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया फिलहाल अब तक जो भी मामले सामने आए हैं, उनमें कोई सत्यता नहीं पाई गई है।