इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से रविवार को होली मिलन के तहत काव्य संध्या भी आयोजित की गई। जाने माने कवि पद्मश्री अशोक चक्रधर ने पारंपरिक होली के संदर्भो को रेखांकित करते हुए ‘गांव, गंवई, जातक कथाएं, अस्पताल, सैनिक, मसलाराम, कुंए का मेढ़क जैसे अनेक रचनाएं सुनाकर तालियां बटोरीं।
यश मालवीय ने ‘काम की बातें करेंगे कल, आज तो इतवार का दिन है सहित तुमने याद किया, हम तो मन ही मन फूल गए,पेन रूमाल घड़ी मोबाइल सबकुछ भूल गए सुनाकर श्रोताओं को मुग्ध किया। वहीं डॉ.श्लेेष गौतम ने ‘गंगा यमुना की लहरों का आंखों में संगम, खोल रहा है कौन न जाने यादों का एलबम और डूब रहे उतरा रहे देवर भाभी संग, फागुन पे हावी रहा होली का हुड़दंग’सुनाकर आनंदित किया।
इसी क्रम में डॉ.प्रकाश खेतान एवं डॉ.सीएम पांडे ने भी रचनापाठ किया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। एसोसिएसन की ओर से कवियों को सम्मानित भी किया गया। एसोसिएशन सभागार में हुए कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्लेष गौतम, स्वागत डॉ.आरकेएस चौहान एवं डॉ.राजेश मौर्या एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. युगांतर पांडेय ने किया।