देवी मंदिरों में लगी भक्तों की लंबी कतार
वासंतिक नवरात्रि के सातवें दिन पर सोमवार को देवी मंदिरों में देवी के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना की गई। मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देवी के दर्शन के लिए लगी रहीं। अलोपीबाग में अलोपशंकरी देवी, अतरसुइया में शक्तिपीठ कल्याणी देवी और मीरापुर में सिद्धपीठ ललिता देवी के दरबारों में दिन भर तिल रखने की जगह नहीं रही।
तीनों शक्तिपीठों में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देवी के शृंगार दर्शन के लिए पहुंचे भक्त नारियल, चुनरी अर्पित कर मां के दरबार में अपनी अर्जी लगा रहे थे। ललिता देवी मंदिर के पुजारी शिवमूरत मिश्रा के मुताबिक सहज दर्शन के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। भोर में चार बजे मंगला आरती के बाद दर्शन के लिए कपाट खोल दिए गए। 11 वैदिक ब्राहमण प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं।
इसी तरह कल्याणी देवी मंदिर में सुबह मंगला आरती के साथ पांच वैदिक ब्राह्मणों ने शंखध्वनि से मां को पुकार लगाई। इसके बाद दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। यहां 11 वैदिक ब्राह्मण लोक कल्याण की कामना से प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं। शतचंडी महायज्ञ भी प्रतिदिन हो रहा है।