जनगणना-2027 के तहत मकानों के सूचीकरण व गणना के कार्य में लगे प्रगणक काम पूरा करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। वहीं बहुत से लोग उनका ठीक से सहयोग नहीं कर रहे हैं। नतीजतन सूची में शामिल 33 प्रश्नों में से पांच या छह प्रश्न पूछकर ही गणना पूरी कर ली जा रही है।
घर में कितने कमरे हैं, किस अनाज का इस्तेमाल सबसे अधिक करते हैं, इंटरनेट कनेक्शन है या नहीं, परिवार में कितने सदस्य है, परिवार के मुखिया का नाम क्या है, घर की फर्श व छत किस सामग्री से बनी है, मकानों की गणना के दौरान ऐसे ही कई प्रश्न पूछे जाने हैं। कई जगह तो जनगणना कर्मी सभी सवाल पूछ रहे हैं तो कुछ क्षेत्रों में चार या पांच सवाल ही पूछे जा रहे हैं।
घर के मुखिया का नाम, कितने सदस्य हैं, फोन नंबर क्या है, लैपटॉप-कार है या नहीं, घर में कितने कमरे हैं, ऐसे सवाल सभी लोगों से पूछे जा रहे हैं लेकिन अन्य सवालों के बारे में लोगों से जानकारी नहीं ली जा रही है। जनगणना कर्मियों का कहना है कि बहुत से लोग ठीक से सहयोग ही नहीं कर रहे। चकिया में तैनात एक जनगणना कर्मी ने बताया कि कुछ लोग तो किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार नहीं होते हैं।
जहां परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर आपसी विवाद है, वहां लोग मुखिया का नाम बताने को तैयार नहीं है। जॉर्जटाउन में तैनात एक जनगणना कर्मी का कहना है कि कुछ लोग तो समय न होने का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि ज्यादा लंबी बात करने का समय नहीं है, जो पूछना जल्दी पूछ लो। ऐसे में जरूरी सवाल सबसे पहले पूछ लिए जाते हैं। अन्य सवालों के जवाब मकान की परिस्थिति देखकर ही मिल जाते हैं।