कुंभ के मद्देनजर शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी हाई-फाई होने लगी है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाए जा रहे दो इंट्रीगेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसी के साथ सिविल लाइंस समेत शहर के प्रमुख चौराहों पर हाई फ्रीक्वेंसी वाले सीसीटीवी कैमरे भी लग गए हैं। इसका करीब दो तिहाई काम पूरा हो चुका है। अब टेस्टिंग का दौर चलेगा। माना जा रहा है कि दिसंबर के पहले हफ्ते तक व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी।
योजना के तहत शहर के 18 प्रमुख चौराहों सहित पांच दर्जन प्रमुख स्थलों पर आधुनिकतम सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसका दो तिहाई काम भी कराया जा चुका है। फिलहाल अस्थायी रूप से दो इंट्रीगेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इसका डाटा सेंटर नगर निगम मुख्यालय में होगा जबकि, सेंटर पुलिस लाइन और कुंभ क्षेत्र में होगा। मेला क्षेत्र के अतिरिक्त शहर के प्रवेश मार्ग और रेलवे-बस स्टेशनों की भीड़ भी सेंटर के दायरे में रहेगी।
टेस्टिंग का काम दोनों सेंटरों पर लगाई गई बड़ी एलईडी स्क्रीन पर किया जा रहा है। दोनों सेंटरों पर 16-16 एलईडी पैनल लगाए गए हैं। स्मार्ट सिटी कंपनी से जुड़े अफसर बेहद गोपनीय तैयारी बता रहे हैं, उनका कहना है कि ये देश के आधुनिकतम कं ट्रोल कमांड सेंटर होंगे। यह जिस तकनीक से काम किया जा रहा है वह दुनिया की श्रेष्ठ है। हालांकि कार्यदायी संस्था एलएंडटी के अफसर भी सेंटर की तैयारियों के संबंध में चुप्पी साधे हैं।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत एडीए जिन 32 चौराहों का चौड़ीकरण और सुंदरीकरण कर रहा है, वहां सिग्नल आकार लेने लगे हैं। सिग्नल स्थापना का काम धोबीघाट चौराहे से शुरू किया गया जो अब समाप्ति की ओर है। रविवार को वहां सिग्नल की लाल, हरी, पीली बत्ती भी जलाई गई लेकिन यातायात नियंत्रण का काम शुरू नहीं किया गया। अधिकांश चौराहों पर पोल लगाने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। एडीए के अफसर बताते हैं कि अगले दस दिन में सिग्नल काम पूरा कर लिया जाएगा। कार्य तेजी से किया जा रहा है।