स्कूली शिक्षा में विद्यार्थियों के लिए उनकी पसंद से जुड़े क्रियाकलापों को शामिल करने के उद्देश्य से नेशनल काउंसिल ऑफ एजूकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की ओर से अल्टरनेटिव एकेडमिक कैलेंडर बनाया जा रहा है। एकेडमिक कैलेंडर खासतौर पर उन क्रियाकलापों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है, जिससे आनंदपूर्ण तरीके से चीजों को सीखने में मदद मिलेगी।
एकेडमिक कैलेंडर में छात्रों की पसंद की बात शामिल करने के संबंध में सीबीएसई की चेयरपर्सन अनीता करवाल ने स्कूलों से जुड़े सभी प्रधानाचार्यों को लिखे पत्र में एकेडमिक कैलेंडर तैयार करने के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि कैलेंडर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके नई चीजों को सीखने के तरीके भी बताएगा। बोर्ड ने स्कूल के प्रमुखों से कहा है कि हम जल्द ही यह कैलेंडर आप लोगों के साथ साझा करेंगे।
उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्यो से कहा है कि जिन हालात से देश गुजर रहा है ऐसे में सभी स्कूल प्रमुखों को एकेडमिक गतिविधियों को मैनेज करने के लिए एजुकेशन प्रक्रिया में परिवर्तन करके नयापन लाने की जरूरत है। पत्र में आगे लिखा है कि प्रधानाचार्य के तौर पर आपको मौजूदा हालात में बड़ी भूमिका निभानी है। यह कैलेंडर वर्तमान आपातकाल से निपटने के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में इस तरह की कठिन घटनाओं का सामना करने के तरीके भी सिखाए।
सीबीएसई प्रमुख ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के डिजिटल लर्निंग/ ई-लर्निंग प्लेटफॉर्मों का उपयोग करने का निर्देश भी स्कूल प्रमुखों को दिया है। उन्होंने प्रधानाचार्यों से सीबीएसई के एएसएआर एप पर अपना काम साझा करने के लिए कहा है। साथ ही उनको इनोवेटिव टाइमटेबल, असाइनमेंट्स, क्वेश्चन बैंक को बोर्ड के साथ शेयर करने को कहा है। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा है कि आपके प्रयास आपके स्कूल तक ही सीमित ना रहें।