उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में अप्रैल 2012 से मार्च 2017 के बीच विभिन्न भर्तियों की जांच के लिए बुधवार को सीबीआई की नौ सदस्यीय टीम इलाहाबाद पहुंच गई। आईपीएस राजीव रंजन के नेतृत्व में टीम ने आयोग सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक से पूछताछ की। टीम के सदस्य करीब पांच घंटे आयोग परिसर में रहे। इस दौरान वहां अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। सीबीआई टीम ने पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के कार्यकाल के दौरान तैनात रहे कर्मचारियों के बारे में जानकारी एकत्र की। जांच टीम बृहस्पतिवार को आयोग के अफसरों के सामने इन भर्तियों से संबंधित दस्तावेज खंगालेंगे और सील कर सकते हैं। सूचना मिलने पर कुछ प्रतियोगी छात्र भी वहां पहुंचे, लेकिन उन्हें आयोग के बाहर भी रुकने नहीं दिया गया।
सीबीआई टीम सुबह प्रयागराज एक्सप्रेस से यहां पहुंची। टीम के सदस्य सर्किट हाउस में ठहरे। इस बीच सुबह ही आईपीएस राजीव रंजन ने प्रतियोगी छात्र मोर्चा के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय समेत कई प्रतियोगियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रतियोगियों ने भर्तियों से संबंधित साक्ष्य सीबीआई अफसरों को सौंपे। करीब घंटे भर की मुलाकात के बाद सीबीआई अफसर सुबह करीब साढ़े दस बजे लोक सेवा आयोग पहुंचे। टीम के वहां पहुंचते ही अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक में हड़कंप मच गया। टीम के अंदर जाने के बाद मुख्य गेट को बंद करा दिया। सूचना मिलने पर कई प्रतियोगी छात्र भी वहां पहुंच गए, लेकिन उन्हें वहां से वापस कर दिया गया। इस बीच टीम के सदस्यों ने आयोग सचिव जगदीश एवं परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार समेत कई अफसरों और कर्मचारियों से लंबी बातचीत की। सीबीआई के अफसरों ने यह भी पता किया कि पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के कार्यकाल के दौरान तैनात रहे अफसर और कर्मचारी कहां और किस स्थिति में हैं, इसका भी ब्योरा जुटाया। सीबीआई अफसर शाम करीब चार बजे तक आयोग में रहे। इस दौरान तकरीबन सभी कर्मचारी अपने कुर्सियों पर डटे रहे। लोक सेवा आयोग में भर्तियों में धांधली की जांच के लिए बुधवार को नौ सदस्यीय टीम इलाहाबाद पहुंची। बृहस्पतिवार को सीबीआई के कुछ और अफसर लखनऊ से यहां पहुंचेंगे। इसके बाद जांच की रफ्तार में और तेजी जाएगी।
लोक सेवा आयोग से निकले बाद सीबीआई के अफसरों ने कैंप कार्यालय के लिए गोविंदपुर स्थित सिंचाई विभाग के डाक बंगले को भी देखा। अफसरों ने डीएम सुहास एलवाई से भी मिलने का प्रयास किया, लेकिन उनके माघ मेला में व्यस्त रहने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। इस बीच प्रशासनिक अफसरों ने कैंप कार्यालय के लिए कुछ स्थान भी उन्हें बताए। गोविंदपुर में कैंप कार्यालय खुलने की संभावना ज्यादा है, क्योंकि यह इलाका एकांत में है और सीबीआई अफसरों को काम में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होगी। इस पर अंतिम निर्णय डीएम के साथ बैठक के बाद होगा। डीएम ने बताया कि जिला प्रशासन के कुछ अफसरों को सीबीआाई के साथ कोआर्डिनेट करनेे की जिम्मेदारी सौंपी है।