सीबीआई चार, एसआईटी आठ मामलों की जांच में जुटी
दुष्कर्म के फर्जी मुकदमों में फंसाकर ब्लैकमेलिंग करने के आरोपों पर प्रयागराज में दर्ज कुल 12 मामलों की जांच की जा रही है। इनमें से चार मुकदमों की जांच सीबीआई लखनऊ की स्पेशल क्राइम ब्रांच जबकि आठ मामलों की जांच एसआईटी कर रही है।
सीबीआई लखनऊ की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने इन मुकदमों में एफआईआर भी पंजीकृत की है। इसमें मऊआइमा थाने में वर्ष 2019, दारागंज थाने में वर्ष 2021 और शिवकुटी थाने में वर्ष 2016 में दर्ज कराए गए के दुष्कर्म और एससी-एसटी से संबंधित केस के अलावा एक अन्य मामला शामिल है। इन मुकदमों में अभियुक्तों को फर्जी फंसाने का आरोप है ऐसे में सीबीआई की ओर से विवेचना कर प्रामाणिकता की जांच की जा रही है।
ऐसे सामने आया था पूरा मामला
दुष्कर्म से संबंधित एक मुकदमे के शीघ्र निस्तारण का आदेश देने के लिए एक कथित पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मुकदमे में अभियुक्त बनाए गए अधिवक्ता ने ऐसे 51 मुकदमों की सूची हाईकोर्ट को सौंपी। कोर्ट को बताया कि प्रयागराज में गैंग सक्रिय है, जिसमें कुछ महिलाएं और वकील शामिल हैं।
यह गैंग महिलाओं के जरिए निर्दोष लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराता है और फिर ब्लैकमेल करते हुए मुकदमा वापस लेने के नाम पर मोटी रकम की मांग करता है। अभियुक्त के अधिवक्ता को भी धमकाया जाता है कि वह मुकदमे में पैरवी न करे। यदि वकील मना करता है तो उसके खिलाफ भी दुष्कर्म व एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच करके रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।