घटनास्थल से खोजी कुत्ता पहुंचा घर
मौके पर फोरेंसिक टीम के साथ ही डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। खोजी कुत्ता घटनास्थल पर कुछ देर इधर उधर घूमता रहा। इसके बाद वह सीधे मृतका के घर पहुंचकर वहीं रुक गया। जिसके बाद पुलिस पसोपेश में पड़ गई। फोरेंसिक टीम ने मौके पर मिले फिंगर प्रिंट के नमूने एकत्र किए। सूत्रों का कहना है कि फोरेंसिक टीम को मौके से दो से ज्यादा लोगों के फिंगर प्रिंट के नमूने मिले हैं। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि हत्या में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
परिजन डेढ़ घंटे बाद कर सके शिनाख्त
पुलिस का कहना है कि इस मामले में एक चौंकाने वाली बात भी रही। बाग में शव मिलने की खबर ग्रामीणों को सुबह छह बजे के करीब हो गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर मृतका के दोनों चाचा भी वहां पहुंचे लेकिन वह शिनाख्त किए बिना ही वापस चले गए। पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बाद वह फिर मौके पर आए। काफी देर तक पुलिस पूछताछ करती रही लेकिन कोई मृतका को पहचान नहीं सका। पुलिस शव कब्जे में लेने लगी तब जाकर दोनों ने बताया कि मृतका उनकी भतीजी है।
गले पर जख्म, अन्य कोई चोट के निशान नहीं
दोपहर बाद दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। चौंकाने वाली बात यह कि मृतका के सिर्फ गले पर गहरा जख्म मिला। इसके अलावा शरीर पर कहीं भी अन्य स्थान पर चोट के निशान नहीं मिले। गले पर मिले जख्म से अनुमान जताया जा रहा है कि हत्या में जिस भी हथियार का प्रयोग किया गया, वह बेहद धारदार था। इससे गले पर ताबड़तोड़ वार किए गए और यही वजह थी की गर्दन की सभी नसें कट गई थीं।
परिजनों की पुलिस से नोकझोंक
शव को कब्जे में लेने के दौरान परिजनों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। दरअसल जांच पड़ताल के बाद पुलिस शव को कब्जे में लेने लगी तो परिजनों ने विरोध कर दिया। उनका कहना था कि सपा जिलाध्यक्ष मौके पर पहुंच जाएं, इसके बाद ही शव को उठने दिया जाएगा। इसे लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से कहासुनी होने लगीं। लेकिन ग्रामीणों के समझाने पर घरवाले मान गए और तब जाकर शव मर्चरी भेजा गया।