परिजनों का यह भी कहना है कि गूगल वेसल्स ट्रैकिंग रिकॉर्ड के अनुसार आठ अगस्त को रात 1:12 बजे जहाज मैंडोवन रूस के व्यसोस्क बंदरगाह पर था। यह वही समय है जब विक्रम के मोबाइल से अंतिम बार बहन व पत्नी के मोबाइल पर कॉल की गई। जबकि कंपनी की ओर से अब तक उनकी अंतिम लोकेशन भी नहीं ट्रेस की गई।
परिजनों का यह भी कहना है कि अगर कंपनी के इस बयान को स्वीकार कर भी लें कि विक्रम बीमार थे, तब भी उसकी लापरवाही साफ नजर आती है। कंपनी की नियमों के मुताबिक अगर कर्मचारी बीमार है तो उसकी देखरेख के लिए किसी को लगाना चाहिए था। हालांकि, जब उन्होंने कंपनी के अफसरों से इस बाबत पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की शिकायत
विदेश मंत्रालय, दूतावास समेत दर्जनों जगहों पर मदद की गुहार लगा चुके परिजनों ने अब आईजीआरए पोर्टल पर भी मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर गुहार लगाई है कि विक्रम को खोजने में उनकी मदद की जाए। इससे पहले वह मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को भी पत्र दे चुके हैं।
यह है मामला
चंडीगढ़ की ओसियन वन शिप मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड में सक्षम नाविक के पद पर तैनात विक्रम 50 दिन से लापता हैं। अगस्त में रूस से डेनमार्क के बीच के समुद्री रास्ते में वह लापता हो गए थे। उनकी तलाश में डेनमार्क कोस्टगार्ड की ओर से हाईटेक सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा चुका है।