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मर्चेंट नेवीकर्मी के लापता होने का मामला : सवालों में कंपनी, तीन दिन बाद क्यों शुरू की तलाश

Thu, 21 Sep 2023 04:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कंपनी ने तीन दिन बाद उन्हें तलाशना क्यों शुरू किया, जबकि आठ अगस्त से ही उनका पता नहीं था। उन्होंने कंपनी के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं कि विक्रम बीमार थे।
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विक्रम पटेल। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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रूस से डेनमार्क के समुद्री रास्ते में संदिग्ध हालात में लापता बैरहना निवासी मर्चेंट नेवी कर्मचारी विक्रम पटेल के परिजनों ने उनकी कंपनी पर सवाल उठाए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कंपनी ने तीन दिन बाद उन्हें तलाशना क्यों शुरू किया, जबकि आठ अगस्त से ही उनका पता नहीं था। उन्होंने कंपनी के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं कि विक्रम बीमार थे। घरवालों ने पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत नौवहन महानिदेशालय को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।

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घरवालों का कहना है कि सात अगस्त को विक्रम से आखिरी बार बात हुई तो वह बिल्कुल ठीक थे। उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि वह बीमार हैं। आठ अगस्त की रात एक बजे के करीब उनका फोन आया और इसके बाद फिर उनसे संपर्क नहीं हो सका। यानी वह इसके बाद से ही लापता हो गए थे।

पत्नी किरनलता का कहना है कि कंपनी के जगदीप कोहलन ने 11 अगस्त को कॉल कर बताया कि विक्रम को आखिरी बार 10 अगस्त को देखा गया था। सवाल यह है कि अगर विक्रम 10 अगस्त तक शिप पर थे तो आखिर आठ अगस्त के बाद उन्होंने घरवालों से बात क्यों नहीं की। किरनलता ने कंपनी के दावे को ही गलत बताया। आरोप लगाया कि विक्रम आठ अगस्त से ही लापता थे और कंपनी की लापरवाही थी कि उसकी ओर से तीन दिन बाद 11 अगस्त को उनकी तलाश शुरू की गई।

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परिजनों का यह भी कहना है कि गूगल वेसल्स ट्रैकिंग रिकॉर्ड के अनुसार आठ अगस्त को रात 1:12 बजे जहाज मैंडोवन रूस के व्यसोस्क बंदरगाह पर था। यह वही समय है जब विक्रम के मोबाइल से अंतिम बार बहन व पत्नी के मोबाइल पर कॉल की गई। जबकि कंपनी की ओर से अब तक उनकी अंतिम लोकेशन भी नहीं ट्रेस की गई।

परिजनों का यह भी कहना है कि अगर कंपनी के इस बयान को स्वीकार कर भी लें कि विक्रम बीमार थे, तब भी उसकी लापरवाही साफ नजर आती है। कंपनी की नियमों के मुताबिक अगर कर्मचारी बीमार है तो उसकी देखरेख के लिए किसी को लगाना चाहिए था। हालांकि, जब उन्होंने कंपनी के अफसरों से इस बाबत पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की शिकायत

विदेश मंत्रालय, दूतावास समेत दर्जनों जगहों पर मदद की गुहार लगा चुके परिजनों ने अब आईजीआरए पोर्टल पर भी मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर गुहार लगाई है कि विक्रम को खोजने में उनकी मदद की जाए। इससे पहले वह मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को भी पत्र दे चुके हैं।

यह है मामला

चंडीगढ़ की ओसियन वन शिप मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड में सक्षम नाविक के पद पर तैनात विक्रम 50 दिन से लापता हैं। अगस्त में रूस से डेनमार्क के बीच के समुद्री रास्ते में वह लापता हो गए थे। उनकी तलाश में डेनमार्क कोस्टगार्ड की ओर से हाईटेक सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा चुका है।
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