‘बदमाशी बहुत करता है’, कहकर निकाल दिया था स्कूलवालों ने
देवेंद्र ने बताया कि रोहन प्रतापगढ़ के ही राजकीय आश्रम शिक्षा पद्धति विद्यालय, नारायणपुर जेठवारा में रहकर पढ़ता था। कक्षा छह से उसका दाखिला हुआ था। करीब तीन महीने पहले स्कूलवालों ने उसे निकाल दिया। परिजन वजह पूछने गए तो बताया कि वह बहुत बदमाशी करता है। ऐसे में इसे अपने साथ ले जाएं और सिर्फ परीक्षा दिलाने के लिए ले आइएगा। फिलहाल परिजनाें की ओर से किसी तरह की तहरीर नहीं दी गई है।
12 दिन में तीसरा मामला
शहर में छात्र-छात्राओं की खुदकुशी का यह 12 दिन के भीतर तीसरी घटना है। आठ सितंबर को कैंट के नेवादा में रहने वाली 11वीं की छात्र पलक जायसवाल (16) ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। आरोप है कि मेरी वानामेकर स्कूल में पढ़ने वाली पलक ने शिक्षिका की ओर से फोन पर डांटे जाने के बाद यह कदम उठाया। शिक्षक दिवस पर कॉलेज की एक शिक्षिका की डांस परफॉर्मेंस का वीडियो छात्रा ने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया था। उधर 15 सितंबर को खुल्दाबाद के गाड़ीवान टोला निवासी एंग्लोबंगाली इंटर कॉलेज के 12वीं के छात्र यथार्थ केशरवानी ने फंदे पर लटककर मौत को गले लगा लिया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि वह स्कूल से नाम कटने से दुखी था।