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Prayagraj : पुलिस चौकी के बाहर फायरिंग का मामला : सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे की लाइसेंसी पिस्टल बरामद

Sun, 18 May 2025 06:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामा भांजा चौकी के सामने फायरिंग के मामले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे वेद प्रकाश दुबे की लाइसेंसी पिस्टल शनिवार को बरामद कर ली गई। आरोप है कि उसने इसी पिस्टल से फायरिंग की थी।
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नैनी के मामा भांजा पुलिस चौकी के पास गोली चलने पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मामा भांजा चौकी के सामने फायरिंग के मामले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे वेद प्रकाश दुबे की लाइसेंसी पिस्टल शनिवार को बरामद कर ली गई। आरोप है कि उसने इसी पिस्टल से फायरिंग की थी। इसके साथ ही कारतूस व खोखे भी बरामद किए गए हैं। वेद समेत दोनों पक्ष के पांच आरोपी एक दिन पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

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नैनी पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में वेद प्रकाश दुबे ने बताया कि 15 मई की शाम को जमीन के मामले को लेकर मामा भांजा चौकी के पास वह साथी अधिवक्ता करन पांडेय, प्रमोद कुमार शर्मा, वेद व्यास, शिवम शुक्ला उर्फ अंशु, निर्भय द्विवेदी, राहुल गुप्ता व अन्य के साथ बातचीत कर रहा था। तभी वहां पर रानू तिवारी उर्फ देवेंद्र तिवारी निवासी धनुहा अपने अन्य साथियों संग आया और बहस करने लगा। रानू ने उसे धमकी दी, जिसके बाद उसने अपनी पिस्टल और करन ने असलहे से फायरिंग कर दी।

बता दें कि मामले में ओम शांतिपुरम मोहल्ला निवासी शिवम दुबे ने हिस्ट्रीशीटर रानू तिवारी व उसके 10-12 साथियों के खिलाफ जबकि दूसरे पक्ष से ददरी निवासी पीयूष मिश्रा ने वेद प्रकाश दुबे, करन पांडेय, प्रमोद कुमार शर्मा, वेद व्यास, शिवम शुक्ला उर्फ अंशु, निर्भय द्विवेदी, राहुल गुप्ता व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

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एक बार पहले भी जब्त हो चुकी है पिस्टल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वेद दुबे मनबढ़ प्रवृत्ति का है। पिछले साल स्कूल के बाहर फायरिंग मामले में उसकी पिस्टल जब्त कर ली गई थी। बाद में उसने इसे कोर्ट से छुड़वाया था। उक्त मुकदमे में विवेचना के दौरान हत्या के प्रयास की धारा भी बढ़ाई गई। हालांकि, बाद में वादी की ओर से शपथपत्र देने पर मुकदमा अन्य धारा में चार्जशीटेड हुआ।

थाने में केक काटते तस्वीर वायरल होने पर मचा था हंगामा

दूसरे पक्ष से जेल भेजे गए रानू तिवारी का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास है। वह हिस्ट्रीशीटर है। 2023 में औद्योगिक थाने के भीतर थानाध्यक्ष सुभाष सिंह के साथ केक काटते तस्वीर वायरल होने के बाद उसका नाम खासा चर्चा में रहा था। इससे पहले 2022 में दुष्कर्म के मामले में जेल में निरुद्ध बंदी दीपक पाल को एसआरएन अस्पताल से फरार कराने में भी उसका नाम सामने आया था। बाद में उसे आर्म्स एक्ट के मामले में जेल भेजा गया था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति जमीन की पंचायत करने और वह भी पुलिस चौकी के सामने बेखौफ होकर कैसे घूम रहा था।
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