कई थानों की पहुंची थी पुलिस
उन्होंने डॉक्टरों की शिकायत की बात कहते हुए भर्ती के कागजात मांगे तो विवाद शुरू हो गया। जब उनके बेटे ने ऑपरेशन थियेटर में मोबाइल से फोटो खींचनी शुरू की तो एक नर्स ने उसका मोबाइल छीन लिया और हाथ पकड़ कर अंदर ले जाने लगी। इसका विरोध करना उनके और उनके बेटे के लिए भारी पड़ गया। जूनियर डॉक्टरों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी और पिटाई करते हुए ही उसे बाहर ले आए।
जब वह किसी तरह बेटे को छुड़ाकर वहां से निकलने का प्रयास करने लगे तो जूनियर डॉक्टरों ने फिर घसीट कर उनके बेटे की पिटाई शुरू कर दी। घटना में उनके बेटे के सिर में भी काफी चोट आयी। पुलिसकर्मियों के सामने यह सब होता रहा, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। कई थाने की पुलिस आने के बाद ही किसी तरह उन्हें वहां से निकाला गया।
घटना के बाद पुलिस ने एफआईआर कराने के लिए कहा था, लेकिन बेटे के कॅरियर को सोच कर कुछ नहीं किया और मिर्जापुर लौट गए। राजेंद्र मिश्रा ने कहा, अब परिवार की चिंता है। बेटा सेना में जाने की तैयारी कर रहा है, अगर जूनियर डॉक्टरों की ओर से कोई एफआईआर कराई गई तो बेटे का कॅरियर खत्म हो जाएगा। इसलिए मैंने कहीं कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई।
मिर्जापुर में ही करा रहे हैं पत्नी का इलाज
एसआरएन से निकलने के बाद राजेंद्र मिश्रा ने पत्नी पुष्पा मिश्रा को मिर्जापुर के ही एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनकी पत्नी का बच्चेदानी और पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन होना है। दो दिन बाद एक ऑपरेशन होगा जबकि डॉक्टरों ने एक महीने बाद दूसरे ऑपरेशन के लिए कहा है। एसआरएन में ऑपरेशन के लिए बाहर से दवा भी खरीदी थी जो मारपीट के दौरान गायब हो गई।