जॉर्जटाउन स्थित एक नर्सिंग होम के मालिक व डॉक्टर के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। यह रिपोर्ट सोरांव के रहने वाले लालचंद की तहरीर पर दर्ज की गई है। उनका आरोप है कि नर्सिंगहोम के मालिक और डॉक्टर की लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की मौत हुई। जार्जटाउन पुलिस ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच पड़ताल की जा रही है।
वादी का कहना है कि डॉ. रजनीश तिवारी पंचशील नर्सिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में तैनात हैं जो जवाहरलाल नेहरू रोड टैगोर टाउन में स्थित है। बताया कि पिछले साल 31 अगस्त को उन्होंने अपनी पत्नी को इस नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। डॉक्टर के कहने पर 50 हजार एडवांस भी जमा किया। दूसरे दिन डॉक्टर ने एबी निगेटिव ग्रुप के ब्लड का इंतजाम करने को कहा।
सैंपल लेकर जाने पर ब्लड बैंक के डॉक्टरों ने बताया कि आपकी पत्नी का ब्लड ग्रुप ‘एबी पॉजिटिव’ है। लेकिन उन्होंने यह कहकर असमर्थता जता दी कि नर्सिंगहोम से मिले पर्चे पर ‘एबी निगेटिव’ ब्लड ग्रुप लिखा है। यह बात जब उन्होंने जाकर नर्सिंगहोम में बताइ तो दोबारा जांच हुई। चौंकाने वाली बात यह कि इस बार ब्लड ग्रुप ‘एबी पॉजिटिव’ बताया गया। समय से ब्लड ना चढ़ पाने के कारण पत्नी की तबीयत और बिगड़ गई।
आरोप है कि जब इस बाबत शिकायत की तो डॉक्टर ने स्टाफ से कहकर धक्का देकर उन्हें बाहर निकलवा दिया और पत्नी का इलाज भी बंद करा दिया। शिकायत करने पर 112 नंबर की पुलिस आई और यह कह कर लौट गई कि पहले अपने मरीज का इलाज कराइए। नर्सिंगहोम से मरीज का रेफर पर्चा भी नहीं दिया गया, इस कारण से शहर के किसी भी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया। इसके बाद वह किसी तरह पत्नी को लेकर लखनऊ गए और वहां एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान तीन सितंबर को उसकी मौत हो गई।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
वादी का आरोप है कि उसकी पत्नी की मौत डॉ. रजनीश व नर्सिंग होम से ब्लड ग्रुप की गलत रिपोर्ट देने के कारण हुई क्योंकि उसे समय से ब्लड नहीं मिल पाया। यह भी आरोप है कि उसके परिजनों ने मामले की शिकायत जार्जटाउन थाने से लेकर आला पुलिस अफसरों तक से की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर आरोपी डॉक्टर और नर्सिंग होम के प्रोपराइटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।