आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र लगाकर फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल की। शिकायतकर्ता अशोक कुमार निवासी जीटीबी नगर करेली ने जिलाधिकारी प्रयागराज को दिसंबर 2021 में तहसील दिवस पर मंजुला कुमारी के पक्ष में जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत की थी।
करेली में फर्जी जाति प्रमाणपत्र से नौकरी पाने में रिटायर्ड बैंक प्रबंधक मंजुला कुमारी पर केस दर्ज किया गया है। मामला बड़ौदा यूपी बैंक का है। पुलिस धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस लिखकर जांच कर रही है। मुकदमा मुख्य प्रबंधक, क्षेत्रीय कार्यालय राजेश कुमार मिश्र की तहरीर पर लिखा गया है। तहरीर में उन्होंने बताया है कि मंजुला कुमारी, जीटीबी नगर करेली में स्थित मुख्य शाखा बड़ौदा यूपी बैंक से प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हैं।
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आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र लगाकर फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल की। शिकायतकर्ता अशोक कुमार निवासी जीटीबी नगर करेली ने जिलाधिकारी प्रयागराज को दिसंबर 2021 में तहसील दिवस पर मंजुला कुमारी के पक्ष में जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने समिति गठित करते हुए जांच कराई। जांच के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आख्या मुख्य प्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय बड़ौदा यूपी बैंक को भेजी।
इसके अनुसार, जातिप्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। यह भी ज्ञात हुआ कि मंजुला कुमारी बारी जाति की हैं, जो पिछड़ी जाति के अंतर्गत आती है। जिस समय इन्होंने जाति प्रमाणपत्र बनवाया था, उस समय उप्र सरकार के गजट में बारी जाति अनुसूचित जाति में नहीं बल्कि पिछड़ी जाति में आती थी। समिति द्वारा समस्त सक्षम जारीकर्ता राजस्व लेखपाल आख्या प्राप्त करने के उपरांत मंजुला कुमारी का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। मुख्य प्रबंधक की ओर से मामले की शिकायत डीसीपी नगर से की गई। जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई। एसीपी करेली श्वेताभ पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।