सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2024 की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मांग रहे अभ्यर्थियों के हाथ निराशा लगी है। 20 अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा की तैयारी के लिए अब उनके पास केवल 10 दिन का समय शेष रह गया है। आयोग ने अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी करके स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा तय समय पर ही होगी।
आयोग ने सहायक अभियंता (एई) के 604 पदों पर भर्ती के लिए 17 दिसंबर 2024 को विज्ञापन जारी किया था और आवेदन की अंतिम तिथि 17 जनवरी 2025 निर्धारित की थी। विज्ञापन जारी होने पर अभ्यर्थियों को पता चला कि आयोग पहली बार यह भर्ती प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से करने जा रहा है। पहले केवल एक लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की जाती थी।
विज्ञापन जारी होने के बाद यह भी पता चला कि प्रारंभिक परीक्षा के सिलेबस में इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड से जुड़े 22 ऐसे विषय शामिल कर लिए गए हैं, जिनका बीटेक के पाठ्यक्रम से कोई नाता नहीं है। अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा की तैयारी को लेकर अब दोहरी चुनौती थी। अब उन्हें प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी अलग से करनी थी और इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड से जुड़े नए विषयों को भी पढ़ना था।
शुरुआत में इस बदलाव का विरोध भी हुआ लेकिन इसके बाद अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी में जुट गए लेकिन आयोग ने जब 28 जनवरी 2025 को परीक्षा कैलेंडर जारी किया तो उसमें सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2024 की प्रस्तावित तिथि देखकर अभ्यर्थियों को झटका लगा। आयोग ने यह परीक्षा 20 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित कर दी, जबकि अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए कम से कम आठ माह के समय की जरूरत थी।
विज्ञापन जारी होने से लेकर परीक्षा की प्रस्तावित तिथि तक अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए केवल चार माह का वक्त मिला। अभ्यर्थी अजीत सोनकर कहना है कि नए सिलेबस से संबंधित पाठ्यक्रम सामग्री बाजार में उपलब्ध नहीं है। अभ्यर्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा लेकर नए सिलेबस की पढ़ाई कर रहे हैं। एआई पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता।
वहीं, प्रारंभिक परीक्षा क्वालीफाई करने के लिए न्यूनतम 40 फीसदी अंक निर्धारित किए गए हैं। नए सिलेबस के कारण न्यूनतम निर्धारित अंक लाना भी मुश्किल होगा। इसी वजह से अभ्यर्थियों ने आयोग में ज्ञापन देकर प्रारंभिक परीक्षा कम से कम तीन माह के लिए टालने की मांग की थी, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। अभ्यर्थी अब न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।