प्रयागराज रामबाग से वाराणसी तक का सफर अब महज डेढ़ से 2 घंटे में ट्रेन द्वारा पूरा हो जाएगा। 118 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक के दोहरी करण का काम तेजी से चल रहा है। वाराणसी से माधोसिंह तक दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण का काम तकरीबन पूरा हो चुका है।
इस रेलखंड पर स्पीड ट्रायल के बाद पूर्वोत्तर रेलवे का दावा है कि जुलाई 2021 तक मंडुवाडीह से रामबाग तक दोहरीकरण का काम पूरा हो जाएगा ।इसके बाद संबंधित रूट पर अभी जो ट्रेनें दो से तीन घंटे का वक्त लेती हैं उस समय में काफी कटौती भी होगी। कुंभ मेले के बाद से ही रामबाग से वाराणसी के बीच दोहरीकरण का काम शुरू हुआ।
हालांकि इस कार्य में बजट आवंटन के बाद ही तेजी आई। दोहरीकरण के पूर्व पिछले वर्ष के अंत में ही वाराणसी से प्रयागराज तक रेलवे द्वारा विद्युतीकरण का भी काम पूरा किया गया। लॉकडाउन लगने के पूर्व इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस समेत तकरीबन 20 जोड़ी यात्री और 10 जोड़ी माल गाड़ियों की आवाजाही नियमित रूप से हो रही थी।
शनिवार को ही मंडुआडीह- प्रयागराज रामबाग रेलखंड पर कछवा रोड- माधो सिंह के बीच बिछी दूसरी नवनिर्मित लाइन का सेफ्टी ट्रायल रेल सुरक्षा आयुक्त पूर्वी परिक्षेत्र लतीफ खान द्वारा किया। उनके इस निरीक्षण के बाद पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल केपीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि अगले 1 वर्ष तक रामबाग तक दोहरीकरण का काम पूरा हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि दोहरीकरण कार्य के साथ ही रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा दूसरी नवनिर्मित लाइन पर विद्युतीकरण का काम भी किया जा रहा है। यह कार भी साथ साथ ही चल रहा है। कहां कि जुलाई 2021 तक संपूर्ण कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है। अब रेलवे द्वारा शीघ्र ही वाराणसी से माधोसिंह तक दोनों रेल लाइनों पर रेल संचालन शुरू कर दिया जाएगा।