होलिका दहन के दौरान शहर की अधिकांश सड़कें और चौराहे आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। आग की आंच से जली सड़कों का तारकोल गुम हो गया। गिट्टियां उखड़ गईं। वहीं कीडगंज के नई बस्ती चौराहे समेत कई स्थानों पर होलिका दहन के बाद उठी ऊंची लपटों से बिजली के तार गलकर टूटे। होली के पहले ही कई मोहल्लों में बिजली गुल होने से घंटों अंधेरा रहा।
शहर के पांच हजार से अधिक उन स्थानों पर सड़कें खराब हुई हैं, जहां होलिका दहन किया गया। कहीं-कहीं तो अभी भी लकड़ी के मोटे-मोटे कुंदे सुलग रहे हैं। इन होलिका दहन वाले स्थानों पर सड़कों की सेहत खराब हो गई है। कहीं गड्ढा हुआ तो कहीं तारकोल गायब होकर गिट्टियां बिखरी हैं। तय है कि यदि जल्द इन स्थानों पर हाल ही बनाई गईं सड़कों की मरम्मत न कराई गई तो सड़कों बड़ी हिस्सा खराब होगा।
वहीं होलिका दहन के दौरान बुधवार की रात नई बस्ती चौराहे समेत कई स्थानों पर बिजली के तार आग की आंच में गल कर टूटे। कीडगंज का बड़ा हिस्सा कई घंटे अंधेरे में रहा। शिकायत पर विद्युत विभाग ने टीम भेजकर मरम्मत कराई तब बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। वहीं मीरापुर में बृहस्पतिवार को बड़ी आबादी अंधेरे में रही। अधिकांश मोहल्लों में शार्ट सर्किट से बिजली की आवाजाही बनी रही। विद्युत अभियंताओं के मुताबिक गीले कपड़े तारों पर फेंकने और तार से पतंग उड़ाए जाने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। सूचना पर मरम्मत कार्य कराया गया। मुख्य अभियंता ने बिजली के तारों पर फेंके गए कपड़ों को तत्काल हटवाने के निर्देश दिए हैं।