सोने और चांदी के आसमान छूते दामों, वैश्विक मंदी और लगातार बढ़ती महंगाई ने प्रयागराज के आभूषण बाजार की कमर तोड़ दी है। अन्य राज्यों से आए सराफा कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सोने और चांदी के आसमान छूते दामों, वैश्विक मंदी और लगातार बढ़ती महंगाई ने प्रयागराज के आभूषण बाजार की कमर तोड़ दी है। अन्य राज्यों से आए सराफा कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ये कारीगर अपने गांवों की ओर लौटना शुरू कर दिया है।
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सराफा मंडी के जानकारों के मुताबिक, बीते कुछ समय से तकरीबन 20 से 25 फीसदी कारीगर बाजार छोड़कर जा चुके हैं। कारोबारी राममोहन शर्मा बताते हैं कि मीरगंज सराफा गली में सन्नाटा पसरा है। कारीगरों का दर्द है कि महीने भर में बमुश्किल आठ या दस दिन ही काम मिल पा रहा है। ऐसे में खाली बैठकर मकान का किराया, बिजली का बिल और घर का खर्च चलाना नामुमकिन हो गया है।
कारीगर अनूप मजूमदार ने बताया कि काम कम हो जाने की वजह से वह वापस गांव दुर्गापुर जा रहे हैं। अब 20 जून के बाद ही आएंगे। इसी तरह कारीगर मनीष पॉल ने कहा कि पीएम मोदी की अपील के बाद ग्राहकों ने नए आभूषण खरीदना कम कर दिया है। पुराने गहने बदलवाने के लिए भी कम संख्या में लोग आ रहे हैं। बताया कि उन्होंने अपना परिवार आसनसोल भेज दिया है।