फर्जी केस में फंसाने को बाइक में रखा नशीला पाउडर, जांच शुरू
डायल 100 के दो सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध, रात भर पूछताछ
अफसर रात में ही पहुंचे जार्जटाउन थाने, सीओ को सौंपी गई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जार्जटाउन में एक युवक को फंसाने के लिए उसकी बाइक में नशीला पाउडर रख दिया गया। फिर दो सिपाहियों के जरिए फर्जी तरीके से बरामदगी दिखाकर मुकदमा कराने की कोशिश हुई। इंस्पेक्टर की पूछताछ में मामला खुला तो हड़कंप मच गया। अफसर भी जार्जटाउन थाने पहुंचे जहां रात भर दो सिपाहियों से पूछताछ की गई। अफसरों के निर्देश पर सीओ कर्नलगंज ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, पीआरवी 90 नंबर के दो सिपाही बृहस्पतिवार रात 9.37 मिनट पर अपाचे बाइक लेकर थाने पहुंचे। वहां बताया कि रात 9.11 मिनट पर उनके पास शिकायत आई कि अल्लापुर पानी की टंकी के पास एक युवक स्मैक बेच रहा है। जिस पर वह मौके पर पहुंचे तो आरोपी युवक भाग निकला। मौके पर मिली उसकी अपाचे बाइक की तलाशी लेने पर करीब 250 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसी दौरान किसी ने तीन करोड़ की स्मैक बरामदगी की फर्जी सूचना व्हाट्सएप पर वायरल कर दी। जानकारी पर जार्जटाउन इंस्पेक्टर ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि बाइक अल्लापुर पानी टंकी निवासी सिकंदर की है। जांच पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि उक्त बाइक दोनों सिपाहियों ने सुबह आठ बजे के करीब अल्लापुर से उठाई थी। उधर तीन करोड़ की स्मैक बरामदगी की सूचना पर क्राइम ब्रांच भी जार्जटाउन थाने पहुंची। लेकिन जांच पड़ताल में पता चला कि बरामद नशीला पाउडर स्मैक नहीं है। मामला संदिग्ध मिलने पर शक हुआ तो एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव व सीओ रत्नेश सिंह भी पहुंच गए। दोनों सिपाहियों से पूछताछ शुरू हुई तो वह हड़बड़ा गए। इस दौरान पता चला कि युवक को फंसाने के लिए फर्जीवाड़ा कर उसकी बाइक में नशीला पाउडर रखा गया। फिर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की गई। मामला खुलने पर हड़कंप मच गया। अफसर भोर में पांच बजे तक सिपाहियों से पूछताछ करते रहे। अफसरों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मामले में सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध है। सीओ कर्नलगंज को जांच सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी
नहीं उगला साजिशकर्ता का नाम
मामले की जानकाीर के बाद अफसर रात भर दोनों सिपाहियों से पूछताछ करते रहे लेकिन उन्होंने साजिशकर्ता का नाम नहीं उगला। पुख्ता सूत्रों की मानें तो उन्होंने अपने बयान में यह भी कबूल किया कि युवक को फंसाने के लिए उन्होंने साजिशन यह सब किया। हालांकि पूछताछ में यह नहीं पता चल सका कि उन्होंने यह किसके कहने या किस प्रलोभन में आकर किया। अफसरों का कहना है कि जांच में सभी बातें स्पष्ट हो जाएंगी।