इस भारी भरकम बजट से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य ही प्राथमिकता के आधार पर करवाएगा। एनसीआर की बात करें तो पिछली बार उसके खाते में 51 अरब रुपये आए थे। इस बार यह रकम सौ अरब रुपये पार होने की उम्मीद है। इस रकम से यहां मुख्य रूप से कवच का काम होगा, क्योंकि इस वर्ष के अंतिम तक दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा की जानी है। इसके अलावा प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल केे पुनर्विकास के लिए भी बजट मिलना तय है। क्योंकि इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
साथ ही प्रयागराज मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत भी प्रत्येक स्टेशन के विकास के लिए 15-15 करोड़ रुपये भी मिलेंगे। इस योजना के तहत एनसीआर के तीन मंडल के 46 स्टेशनों का विकास होना है। वहीं फाफामऊ से जंघई के बीच दोहरीकरण का काम भी रफ्तार पकड़ेगा। प्रयागराज के सूबेदारगंज में बनाए जाने वाले रेलफ्लाई ओवर एवं जंक्शन से बम्हरौली के बीच चौथी लाइन का भी काम भी अब शुरू होगा।
जंक्शन के यार्ड की रिमॉडलिंग एवं निरंजन रेल ब्रिज के चौड़ीकरण का बजट भी एनसीआर की पिंक बुक में मिलने की उम्मीद रेलवे अफसरों ने जताई है। एनसीआर के सीनियर पीआरओ डाॅ. अमित मालवीय के अनुसार बजट के बाद अब पिंक बुक का इंतजार है। पिंक बुक में ही एनसीआर में होने वाले कार्यों का उल्लेख रहेगा।