बीटीसी शिक्षकों ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में रिक्त रह गए 27 हजार पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर बुधवार को एनी बेसेंट स्कूल में महापंचायत और बालसन चौराहे पर चक्काजाम किया। इस दौरान उनकी पुलिस से हल्की झड़प भी हो गई।
चक्काजाम खत्म कराने के लिए पुलिस ने लाठियां पटककर बीटीसी शिक्षकों को वहां से हटाया। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने सड़क किनारे पड़ीं गिट्टियां उठाकर पुलिस कर्मियों पर फेंक दीं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि सख्ती के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई।
बीटीसी शिक्षकों की मांग है कि 21 मई 2018 के शासनादेश के अनुसार 68500 शिक्षक भर्ती में 30-30 फीसदी कटऑफ अंक लागू किए जाएं और कटऑफ से अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को नौकरी दी जाए। पिछले दिनों हुई परीक्षा में सामान्य एवं ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ अंक 45 फीसदी और एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ अंक 40 फीसदी निर्धारित किया गया था।
बहुत से अभ्यर्थियों को कटऑफ अंक से कम नंबर मिले। सीटें नहीं भर पाईं और सहायक अध्यापक के तकरीबन 27 हजार पद खाली रह गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि 21 मई 2018 के शासनादेश के अनुसार 30-30 फीसदी कटऑफ अंक निर्धारित कर दिया जाए तो रिक्त सीटें भर जाएंगी और बेरोजगार बीटीसी शिक्षकों को रोजगार मिल जाएगा।
एनी बेसेंट स्कूल में हुई महापंचायत के दौरान शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा के मूल्यांकन में हुई गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने और सभी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन कराए जाने की मांग की गई। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा। बीटीसी शिक्षकों के आंदोलन को छात्र संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया और कई छात्र नेता महापंचायत में पहुंचे।
छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, पूर्व अध्यक्ष अजीत यादव, ऋचा सिंह, युवजन सभा के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र यादव, छात्र नेता अरविंद सरोज, विवेकानंद पाठक, अभिषेक यादव, राहुल पटेल ने कहा कि सभी छात्र संगठन बीटीसी शिक्षकों के आंदोलन में उनके साथ हैं।
महापंचायत के बाद सभी परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय, एलनगंज, हाशिमपुर रोड होते हुए बालसन चौराहे पर पहुंचे और वहां चक्काजाम कर दिया। इससे चौराहे के आसपास आधा घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
पुलिस ने जब अभ्यर्थियों को वहां से हटाने की कोशिश की तो पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्कामुक्की भी शुरू हो गई। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने सड़क किनारे पड़ी गिट्टियां पुलिस की ओर फेंक दी। तनाव बढ़ने पर पुलिस ने लाठियां पटककर आंदोलनकारियों को वहां से हटाया।
बीटीसी शिक्षकों ने दो नवंबर को विधानसभा घेराव करने का निर्णय लिया है। महापंचायत में शामिल विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि दो नवंबर के आंदोलन में छात्र संगठन भी शामिल होंगे। वहीं, बीटीसी शिक्षकों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।