इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) छात्रसंघ चुनाव के बाद हॉलैंड हाल हॉस्टल हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। वीसी की ओर से गठित कमेटी बुधवार को हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंची तो वहां ढेरों खामियां मिलीं। लाइब्रेरी की किताबें कॉमन हॉल में कूड़े के ढेर की तरह पड़ी मिलीं और लाइब्रेरी में दो लोग रहते हुए मिले। दोनों ही टीम को अपना परिचय नहीं दे सके। पूछताछ में यह स्पष्ट हो गया कि दोनों को अवैध रूप से लाइब्रेरी का कमरा आवंटित कर दिया गया है।
प्रो. आरके सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी को हॉस्टल में सुधार की जिम्मेदारी गई है। कमेटी में डीएसब्डल्यू प्रो. हर्ष कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रो. एचएस उपाध्याय, ईसीसी के प्राचार्य एडीएम डेविड समेत हॉस्टल के कई प्रतिनिधि भी शामिल हैं। निरीक्षण करने पहुंचे टीम ने पाया कि हॉस्टल में न तो कोई वार्डन है और न ही कोई सुप्रीटेंडेंट। केवल एक कोऑर्डिनेटर के भरोसे हॉस्टल चल रहा है, जो अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। सबसे पहले हॉस्टल के स्थानीय प्रशासन की बहाली पर जोर दिया गया। टीम ने पाया कि लाइब्रेरी की किताबें कॉमन हॉल में कूड़े के ढेर की तरह फेंक दी गईं हैं। इनमें से कई किताबें बहुत ही पुरानी हैं और रखरखाव ठीक से न होने के कारण फट गई हैं। वहीं, कई किताबों के कु़छ पन्ने जले हुए मिले। लाइब्रेरी कक्ष में दो लोग रहते हुए मिले।
टीम ने उनसे पूछताछ की तो अपना परिचय नहीं दे सके। सिर्फ इतना कहा कि यहां किसी के गेस्ट बनकर रह रहे हैं। इससे साफ हो गया कि लाइब्रेरी कक्ष में दोनों को अवैध रूप से ठहराया गया है। उधर, हॉस्टल के कोऑर्डिनेटर डॉ. अशोक मसीह का कहना है कि उन्हें कोऑर्डिनेटर के पद से हटाए जाने की साजिश हो रही है और कॉमन हॉल में पड़ी मिलीं लाइब्रेरी किताबें इसी साजिश का एक हिस्सा हैं। कुछ दिनों पहले तक किताबें लाइब्रेरी में थीं। लाइब्रेरी कक्ष में दो लोग रहने के लिए कहां से आए, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। हॉस्टल में कुछ अराजक तत्व हैं जो इस तरह की मनमानी कर रहे हैं। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। रही बात स्थानीय प्रशासन की तो डॉ. एडीएम डेविड हॉस्टल के वार्डन और डॉ. शीतला प्रसाद हॉस्टल के सुप्रीटेंडेंट हैं। उनकी नियुक्ति वीसी की अनुमति से ही की गई है।
मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल के एक कमरे के आवंटन को लेकर एक छात्र ने हॉस्टल के सुप्रीटेंडेंट को जान से मारने की धमकी दी है। सुप्रीटेंडेंट ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। तहरीर में सुप्रीटेंडेंट ने कहा है कि कमरा नंबर 102 में अब्दुल कादिर नाम का एक छात्र अवैध रूप से रह रहा है। पिछले साल सत्र 2017-18 में वह वह एमए द्वितीय वर्ष का छात्र था। वर्ष 2018-19 में हॉस्टल के लिए उसने आवेदन नहीं किया। इस पर सुप्रीटेंडेंट ने एक अन्य वैध छात्र को कमरा आवंटित कर दिया। सुप्रीटेंडेंट का आरोप है कि छात्र अब्दुल कादिर ने कमरा आवंटन न होने से भड़क गया और उन्हें जान से मारने की धमकी की। सुप्रीटेंडेंट ने चीफ प्रॉक्टर, सीओ कर्नलगंज और एसपी सिटी को भी पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है।