याची के वकील ने दलील दी कि याची ने 19 साल के अनुभव प्रमाण पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, जिसमें दिखाया गया था कि वह संस्था में सहायक शिक्षिका के रूप में काम करती थी। यह प्रस्तुत किया गया कि याची के अनुभव प्रमाण पत्र में वर्तमान प्रबंधक, आकाश सिंह द्वारा छेड़छाड़ की गई थी, जिसके आधार पर विवादित आदेश पारित किया गया। जबकि नियुक्ति और दस्तावेजों के अनुमोदन के लिए बीएसए को भेजे गए पत्र पर बीएसए में अब तक कोई जवाब नहींं दिया। जबकि नियमानुसार अनुमोदन पर बीएसए को तीस दिन के भीतर जवाब देना चाहिए। ऐसा न करने पर अनुमोदन को स्वीकृत माना जायेगा। कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली।