सामूहिक दुष्कर्म और धर्मांतरण का शिकार किशोरी के भाई को मुंबई में जबरन बंधक बनाकर जबरदस्ती काम करवाने वाले दिलशाद को घूरपुर पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।खुलासा हुआ है कि मासूम का भी जबरन धर्मांतरण कराया गया था।
सामूहिक दुष्कर्म और धर्मांतरण का शिकार किशोरी के भाई को मुंबई में जबरन बंधक बनाकर जबरदस्ती काम करवाने वाले दिलशाद को घूरपुर पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।खुलासा हुआ है कि मासूम का भी जबरन धर्मांतरण कराया गया था।
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बता दें कि घूरपुर क्षेत्र की एक अनाथ किशोरी को पड़ोसी गांव के युवक ने अपने घर पर जबरन बंधक बनाकर रखा था। आरोपी उससे सारा घरेलू काम करवाने के अलावा साथियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म भी करता था। जिसके लिए मासूम को आरोपी नशे की दवाइयां और इंजेक्शन तक देते थे। गत आठ अक्टूबर को किसी तरह भागकर अपने गांव पहुंची किशोरी ने गांव वालों को पूरी सच्चाई बताई तो मामले का खुलासा हुआ।
कुछ संगठनों की मदद से घूरपुर थाने में गत नौ अक्टूबर को आलम निवासी उभारी थाना घूरपुर, आतीफ निवासी चक घनश्यामदास और मुमताज अहमद निवासी उभारी को नामजद करते हुए पांच अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। गत दस अक्टूबर को पुलिस ने शाह आलम, मुमताज अहमद और रहनुमा पत्नी शाह आलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपियों से पूछताछ में पीड़िता के लापता भाई का सुराग मुंबई में मिला था।
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पुलिस ने किशोर को मुंबई की एक दुकान से बरामद किया। वहां मासूम से एक दुकान पर जबरन काम कराया जाता था। पुलिस ने शनिवार को नाबालिग से जबरन काम कराने वाले दिलशाद अहमद निवासी जफर नगर, मालेगांव, नाशिक महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दुकान पर काम कराने से पहले उसने बच्चे का धर्मांतरण भी करवा दिया था।