अपने आपको कोसते हुए बता रहे थे कि मैं शिवम के कमरे के बाहर ही बैठा था मेरे से बहुत बड़ी चूक हो गई। मैं सत्यम को अंदर जाते देख न सका। यदि मुझे थोड़ा सा भी शक हो जाता तो मैं दरवाजा तोड़कर अपने बेटे को बचा लेता।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता संदीप मिश्रा अपने बहन से फोन पर बातचीत के दौरान राेते हुए कह रहे थे कि शिवम कह रहा था कि पापा एक दिन आपका यह बेटा आपको रूलाएगा। लेकिन यह पता नहीं था कि वह अपने भाई की हत्या कर देगा। अपने आपको कोसते हुए बता रहे थे कि मैं शिवम के कमरे के बाहर ही बैठा था मेरे से बहुत बड़ी चूक हो गई। मैं सत्यम को अंदर जाते देख न सका। यदि मुझे थोड़ा सा भी शक हो जाता तो मैं दरवाजा तोड़कर अपने बेटे को बचा लेता।
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मेरा बच्चा ही नहीं गया मेरी तो जान चली गई। उसे देखकर ही मेरी सांसे चलती थी। उन्होंने बताया कि वह सत्यम को पढ़ाना चाहता था। शिवम उसे पास कराने लिए उसका ऑनलाइन परीक्षा भी दे देता था। फिर भी उसे मारते वक्त उसका हांथ नहीं कांपा। यह बोलने के बाद वह फुट-फुटकर रोने लगे। उन्हें रोते देख वहां मौजूद सभी की आंखे नम हो गईं। किसी तरह उनके बेटे के दोस्तों ने उन्हें संभाला।