मीरगंज। शीशगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर में चक रोड की पैमाइश करने गए लेखपाल गिरेंद्र सिंह की पिटाई से आक्रोशित साथियों ने शनिवार को थाना समाधान दिवस का बहिष्कार किया। तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करते हुए ग्राम प्रधान व अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई न होने पर 26 फरवरी से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
गिरेंद्र सिंह शुक्रवार को गांव में चक रोड की पैमाइश करने के लिए गए थे। पैमाइश के दौरान ग्राम प्रधान राकेश कुमारी अपने बेटे, धीरेंद्र, अनिल व हरिजेंद्र के साथ वहां आ गईं। उनके हाथ में लोहे की रॉड व धारदार हथियार थे। सभी ने उनकी पिटाई की। मोबाइल फोन भी छीन लिया। तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
घटना से नाराज लेखपाल शनिवार को थाना समाधान दिवस में नहीं पहुंचे। लेखपाल संघ के बैनर तले तहसील पहुंचकर उन्होंने प्रदर्शन किया। इस दौरान तहसीलदार भानुप्रताप सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। कहा कि 26 फरवरी तक अगर मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वह लोग कार्य बहिष्कार करेंगे।
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तहसीलदार बोले- गिरफ्तारी हुई, इंस्पेक्टर का इन्कार
मामले में तहसीलदार ने आरोपी ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी की बात कही है। हालांकि, शीशगढ़ इंस्पेक्टर ने इससे इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं मगर अब तक कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है। उन्होंने ग्राम प्रधान की तहरीर मिलने से भी इन्कार किया, कहा कि अगर तहरीर आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम प्रधान ने लगाए आरोप
इस मामले में ग्राम प्रधान राकेश कुमारी ने एक तहरीर पुलिस को दी है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने बेटे अनिल को कॉल करके खेत पर बुलाया था। जब वह बेटे के साथ वहां पहुंचीं तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। पिटाई करने के साथ गले में पहना मंगलसूत्र भी छीन लिया। वहीं, क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने भी एक बैठक की। इसमें लेखपालों पर आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत करने पर सहमति बनी।
लेखपाल संघ की ओर से ज्ञापन दिया गया है। आरोपी ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी हो गई है। ऐसे में कार्य बहिष्कार का कोई औचित्य नहीं है। लेखपालों को समझाया जा रहा है। - भानुप्रताप सिंह, तहसीलदार