इलाहाबाद। सुलेमसराय दधिकांदो की 142 सालों से चली आ रही परंपरा टूट गई। इस बार दधिकांदो मेला परंपरानुसार श्रीकृष्ण छठी के बाद पड़ने वाले पहले रविवार के बजाय एक दिन पहले शनिवार को ही आयोजित होगा। आयोजन समिति की ओर से यह निर्णय बच्चों को स्कूल जाने में होने वाली समस्याओं के मद्देनजर लिया गया है।
सुलेमसराय दधिकांदों मेला कमेटी के दस्तावेजों के अनुसार 1874 से सुलेमसराय में मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले की शुरूआत श्रीकृष्ण छठी के बाद पड़ने वाले पहले शनिवार को सलोरी से होती रही है। दूसरे दिन यानी रविवार को सुलेमसराय का मेला आयोजित होता आया है। हालांकि बीते कई सालों से रविवार के बजाए शनिवार को मेला आयोजित किए जाने की मांग की जा रही है। दरअसल रविवार को आयोजित होने वाला मेला सोमवार की सुबह तक चलता है। झांकियां, चौकियां स्कूल जाने के समय तक निकलती रहती हैं। बिजली की सजावट सड़क के दोनों ओर होने से गाड़ियां के निकलने में समस्या आती है। इससे बच्चों के स्कूल पहुंचने में देर होती है। मेला प्रभारी सुभाष केशरवानी के मुताबिक समस्या की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय सर्वसहमति से लिया गया है। मेले की तैयारी अध्यक्ष वीरेंद्र केशरवानी की देखरेख में जोरों पर की जा रही है।
इन तिथियों पर होगा दधिकांदो मेला
चांदपुर सलोरी - 3 सितंबर
सुलेमराय - 3 सितंबर
रसूलाबाद, तेलियरगंज - 10 सितंबर
राजापुर - 11 सितंबर
शंकरलाल भार्गव रोड - 15 सितंबर
त्रिवेणी रोड थाने वाली सड़क - 16 सितंबर
तय हैं मेले की तिथियां
दधिकांदो मेले के आयोजन की तिथियां तय हैं। श्रीकृष्ण छठी के बाद पड़ने वाले पहले शनिवार को चाहे वह छठी के दिन ही हो को चांदपुर सलोरी का दधिकांदो आयोजित होता है। पहले रविवार को सुलेमसराय, हरितालिका तीज के बाद वाले शनिवार को रसूलाबाद-तेलियरगंज अगले दिन रविवार को राजापुर का दधिकांदो मेला लगता है। सबसे अंत में कीडगंज की बारी आती है। यहां अनंत चतुर्दशी को शंकरलाल भार्गव रोड बीच वाली गली और अगले दिन त्रिवेणी रोड थाने वाली सड़क पर दधिकांदो मेले की धूम होती है।