क्षेत्र के छापर हरदौन गांव में महीने भर से गायब युवक का शव मंगलवार शाम हरदौन गांव में जंगल के किनारे झाड़ी में पत्थरों से ढका हुआ मिला। मामले में शव की शिनाख्त के बाद मृतक के परिजन स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को पुलिस को देने से इन्कार कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो युवक की हत्या न होती।
छापर हरदौन गांव निवासी जितेंद्र कुमार कोल (22) पुत्र लोलर आदिवासी बीते तीन जनवरी से लापता था। परिजनों ने दो सप्ताह पहले उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मंगलवार को शाम चार बजे लौट रहे चरवाहों को जंगल से बदबू आई तो वह पहुंच गए। देखा कि झाड़ियों में पत्थर से दबाकर शव रखा गया था।
सूचना पर स्थानीय पुलिस और मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। जैकेट और एक पैर से शव की शिनाख्त हुई। परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, पुलिस का कहना है कि घटना स्थल के पास से एक मफलर मिला है। जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। हर पहलू को बारीकी से जांचा जाएगा। जल्दी ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
ग्रामीणों के मुताबिक मृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और अभी अविवाहित था। परिजन जिलाधिकारी के आने, हत्यारों की गिरफ्तारी और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। मौके पर तहसीलदार कोरांव, पूर्व विधायक रामकृपाल कोल समेत अन्य लोग पहुंचे है।
वर्जन
युवक की हत्या की वजह से परिजनों में आक्रोश है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसपी उपाध्याय, एसीपी मेजा।