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प्रयागराज : गंगा में डूबे एमएनएनआईटी के एक छात्र का शव बरामद, दूसरे की तलाश जारी

Fri, 19 May 2023 05:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

विकास मौर्य एमएनएनआईटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा था। वह मऊ जिले के भिखारीपुर का रहने वाला था। टैगोर हॉस्टल में कमरा नंबर 108 में रहता था। दूसरे छात्र अलवर निवासी दीपेंद्र का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। उसकी खोजबीन जारी है। 
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विकास मौर्य। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शिवकुटी में स्नान करते वक्त गंगा में डूबे दो छात्रों में से एक छात्र विकास मौर्य का शव शुक्रवार को बरामद कर लिया गया। पुलिस और गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद शव को गहरे पानी से बरामद किया। कोटेश्वर मंदिर के पास ही छात्र का शव पाया गया।  विकास मौर्य एमएनएनआईटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा था। वह मऊ जिले के भिखारीपुर का रहने वाला था।

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टैगोर हॉस्टल में कमरा नंबर 108 में रहता था। बताया जाता है कि विकास कैंसर से पीड़ित था। उसका उपचार चल रहा था। विकास के शव का पोस्टमार्टम देर शाम किया गया। इस दौरान उसके परिवार के लोग मौजूद रहे। दूसरे छात्र अलवर निवासी दीपेंद्र सिंह का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। उसकी खोजबीन जारी है। 

देखते ही देखते गंगा में समा गए थे इंजीनियरिंग के दोनों छात्र

एमएनएनआईटी से बीटेक सेकेंड इयर के पांच दोस्त दीपेंद्र सिंह, विकास मौर्या, भूपेंद्र, वरुण और यश सुबह स्नान के लिए पहुंचे थे। इनमें से वरुण मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र है। बाकी चारों डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के थे। पांचों अलग अलग छात्रावासों में रहते हैं। घाट पर पहुंचने के बाद नदी किनारे हंसी मजाक करते हुए नदी में उतरे। किनारे काफी कम पानी था। दीपेंद्र और विकास आगे बढ़े तो बाकी दोस्तों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। दोनों नहीं माने। कहा धीरे धीरे आगे बढ़ते हैं। गहरा होगा तो लौट आएंगे, लेकिन दोनों नहीं लौटे।
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गहरे पानी में दीपेंद्र फंसा तो विकास भी तुरंत गहराई की जद में आ गया। दोनों डूबने लगे। एक दो बार दोनों बचाओ बचाओ की आवाज कर बाहर निकले फिर उनका कुछ पता नहीं चला। बाहर भूपेंद्र, वरुण और यश चीखते चिल्लाते रहे। उनकी आंखों के सामने ही उनके दोनों दोस्त नदी में गुम हो गए थे। पुलिस और दोस्तों के पहुंचने के बाद उनके सब्र का बांध टूट गया।

तीनों की आंखों से आंसू बहने लगे। दोस्तों ने उन्हें दिलासा दिया। वे कहते रहे कि वे कुछ भी नहीं कर पाए। काश उन्हें तैरना आता। दीपेंद्र और विकास के दोस्त दिन भर टकटकी लगाए नदी की ओर देखते रहे। एसओ शिवकुटी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह से फिर से तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
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