prayagraj news : लल्लू जी एंड संस
- फोटो : prayagraj
देश की सबसे बड़ी कॉटेज निर्माता कंपनी लल्लूजी एंड संस को कुंभ मेला में फर्जी मांगपत्रों, कार्यादेशों के आधार पर करोड़ों रुपये के बिल बनाकर भुगतान की कोशिश में ब्लैकलिस्ट किया गया है। ऐसे में कंपनी की कार्यशैली व भरोसे पर उंगली उठने लगी है। वह भी यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के बाद पर्यटन सीजन चढ़ने लगा है और मेले, उत्सवों की रंगत निखरने लगी है। पता चला है कि इस ब्लैक लिस्ट कंपनी को पहली दिसंबर को गुजरात के कच्छ में शुरू हुए रण उत्सव को भी बसाने का ठेका दिया गया है।
prayagraj news : गुजरात के कच्छ में लल्लूजी एंड संस की ओर से बसाई जा रही टेंट सिटी।
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विश्व भर से आने वाले पर्यटकों के लिए 1.50 अरब रुपये की लागत से लल्लूजी एंड संस की ओर से कच्छ में श्वेत टेंट सिटी बसाई गई है। इसी तरह इसी तरह उड़ीसा के कोणार्क, हीरापुर, सप्तकोशिया और दारिंगबाड़ी में भी इसी कंपनी ने 20 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विस्तार के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी बसाई है।
prayagraj news : गुजरात के कच्छ में लल्लूजी एंड संस की ओर से बसाई जा रही टेंट सिटी।
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इतना ही नहीं गुजरात के नेवड़िया में हाल में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां स्टैचू ऑफ यूनिटी के रूप में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था, वहां भी लल्लूजी एंड संस के लग्जरी कॉटेज पर्यटन विस्तार के लिए लगाए गए हैं। लल्लूजी एंड संस के सलाहकार विश्वनाथ मिश्र बताते हैं कि उड़ीसा, गुजरात समेत कई राज्यों में उनके काम की तारीफ की जा रही है। कुंभ में भी देश,दुनिया से आए पर्यटकों व साधु-संतों ने उनके काम को सराहा था, लेकिन अब मेला प्रशासन जानबूझ कर उन्हें घेरने की कोशिश कर रहा है।
कार्रवाई के बाद भी लल्लूजी ने माघ मेला में डाला टेंडर
ब्लैक लिस्ट होने के बाद भी संगम की रेती पर माघ मेला बसाने के लिए लल्लूजी एंड संस ने टेंडर डाला है। कहा जा रहा है कि कुंभ हो या माघ मेला या फिर इस तरह का कोई भी महोत्सव, लल्लूजी एंड संस के बिना बसाना संभव नहीं है। यही वजह से ही हरिद्वार कुंभ की भी जिम्मेदारी लल्लूजी एंड संस को ही दिए जाने की तैयारी है। इसलिए कि अबतक इस क्षेत्र में इस कंपनी का दूसरा विकल्प नहीं खड़ा हो सका है।