भाजपा पार्षद एवं नगर निगम कार्यकारिणी की उपाध्यक्ष सुनीता चोपड़ा के भतीजे नवीन ने सफाई कर्मियों के साथ मारपीट की। घटना से नाराज सफाई कर्मियों ने बृहस्पतिवार को हड़ताल पर जाने के साथ चौक कोतवाली का घेराव एवं चक्का जाम किया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में समझौता तो हो गया लेकिन उनकी नाराजगी बनी रही।
बुधवार की आधी रात के बाद सफाई कर्मी रवि और मनोज के साथ पार्षद के भतीजे नवीन की कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। सूचना पर पार्षद तथा नगर निगम कार्यकारिणी की उपाध्यक्ष सुनीता चोपड़ा भी कुछ लोगों के साथ पहुंच गईं। कुछ ही देर में वहां पुलिस भी पहुंच गई। मारपीट का दोनों तरफ से आरोप लगाया गया।
वहीं, पुलिस दोनों सफाई कर्मियों को थाने ले गई और बैठाए रखी। इसकी सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी बृहस्पतिवार की भोर में ही चौक कोतवाली पहुंच गए तथा घेराव किया। उनके साथ बड़ी संख्या में कूड़ा उठाने वाले वाहन भी थे। सफाई कर्मियों ने हड़ताल की घोषणा करने के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने चक्काजाम भी किया। कर्मचारियों का कहना था कि सिर्फ उनके साथियों को ही पुलिस ने थाने में क्यों बैठाया। नवीन के खिलाफ एफआईआर लिखने तथा गिरफ्तारी की मांग को लेकर सफाई कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ते देख नगर निगम के अफसरों के अलावा स्थानीय लोग भी कोतवाली पर पहुंच गए।
लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच लिखित में समझौता हुआ। समझौते पर दोनों सफाई कर्मियों एवं नवीन के अलावा पार्षद सुनीता चोपड़ा तथा आशीष द्विवेदी ने भी हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद नवीन ने सफाई कर्मियों से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।
पार्षद सुनीता चोपड़ा का कहना है कि सफाई कर्मचारी ने उनके साथ भी अभद्रता की। इस पर भतीजे तथा अन्य लोगों ने हस्तक्षेप किया तो उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। उनका कहना है कि समझौता हो गया है। भतीजे ने माफी भी मांग ली है।
लिखित समझौता तथा नवीन के माफी मांगने के बाद सफाई कर्मी कोतवाली से चले गए लेकिन नगर निगम मुख्यालय पर फिर एकत्रित हो गए। उनका कहना था कि दबाव में समझौते पर हस्ताक्षर कराया गया है। वे पार्षद के भतीजे के खिलाफ एफआईआर लिखाने की मांग कर रहे थे। उनका यह भी कहना था कि ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट होती है तो निगम की ओर से भी एफआईआर लिखाई जाए।
धरना दे रहे सफाई कर्मचारियों के बीच पहुंचे नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने भी उनकी मांग का समर्थन किया। हंगामा बढ़ता देख नगर आयुक्त का कार्यभार देख रहे अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव सफाई कर्मियों के बीच पहुंचे और उनसे बात की। इस पर कर्मचारियों ने निकाले गए आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों को फिर से रखे जाने समेत अन्य मांगें भी रखीं। अपर नगर आयुक्त ने समझौता होने की बात कहते हुए आंदोलन समाप्त करने की अपील की। भविष्य में ऐसा न हो इसे सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने का भी आश्वासन दिया।
अपर नगर आयुक्त ने कहा कि आउट सोर्सिंग वाले निकाले गए कर्मचारियों की फाइल उन्हाेंने मंगा ली है। काम करने वाले कर्मचारी रखे जाएंगे। समिति के गठन की मांग पर अपर नगर आयुक्त ने कहा कि इस संबंध में पहले से नियमावली बनी है। कर्मचारी से काम कराने को लेकर कोई नई समिति निर्णय नहीं ले सकती। अपर नगर आयुक्त ने सफाई कर्मियों की अन्य मांगों पर भी सकारात्मक जवाब दिया। इसके बाद कर्मचारी वापस काम पर लौट गए।
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मारपीट की घटना पर निगम भी लिखाएगा मुकदमा
प्रयागराज। भविष्य में सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना होती है तो नगर निगम भी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखवाएगा। आंदोलनरत सफाई कर्मियों ने अपर नगर आयुक्त के सामने मांग रखी कि पीड़ित कर्मचारी तो एफआईआर लिखाएगा ही, काम में बाधा के आरोप में निगम प्रशासन की ओर से भी मुकदमा लिखवाया जाए। इस पर अपर नगर आयुक्त ने सहमति जताई। अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव ने बताया कि कई बार कार्य स्थल पर स्थानीय लोगों का सफाई कर्मियों से विवाद हो जाता है। भविष्य में यदि किसी सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट की जाती है तो आरोपी के खिलाफ एफआईआर लिखाई जाएगी।
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सुबह सफाई नहीं होने से फैला रहा कचरा
कोतवाली में समझौता तथा अपर नगर आयुक्त से वार्ता के बाद सफाई कर्मी दिन में करीब साढ़े बारह बजे काम पर लौट आए लेकिन सुबह के समय शहर में सफाई नहीं हो पाई। इसकी वजह से सड़कों पर झाड़ू नहीं लगा। साथ में कूड़ा उठा भी नहीं। इसकी वजह से कई जगहों पर गंदगी के ढेर पड़े रहे। हालांकि, डोर टू डोर कलेक्शन का काम बाधित नहीं हुआ।