मगध एक्सप्रेस से दिल्ली जा रही मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) की एक छात्रा को शनिवार को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। सफर के दौरान पैसे खत्म हो जाने से खासी परेशानी हुई। कम पैसे होने की वजह से छात्रा को ट्रेन में पैंट्री कार के वेंडर ने खाना देने से मना कर दिया। छात्रा ने अपने परिजनों से फोन पर समस्या साझा की तो उन्होंने इस संदर्भ में ट्वीट कर रेल मंत्रालय से मदद मांगी। हरकत में आए रेल मंत्रालय ने डीआरएम इलाहाबाद एसके पंकज को इसके बारे में अवगत कराया। ट्रेन के इटावा पहुंचने पर एमएनएनआईटी से बीटेक कर रही छात्रा आयुषी को खाना उपलब्ध कराया गया।
दिल्ली की आयुषी एमएनएनआईटी में पढ़ाई कर रही है। उसका मगध एक्सप्रेस के एसी थ्री कोच में एक दिसंबर की रात का रिजर्वेशन था। लेकिन घंटों देरी से चल रही मगध दो दिसंबर की रात 10.15 बजे इलाहाबाद से दिल्ली के लिए चली। ट्रेन का घंटों इंतजार करने की वजह उसके पास जो पैसे थे उसमें से काफी खर्च हो गए। सुबह ट्रेन की पैंट्रीकार वेंडर से भोजन का आर्डर दिया, हालांकि उसके पास सिर्फ सौ रुपये ही बचे थे, जबकि खाने का रेट 150 रुपये था। वेंडर के मना करने पर उसने फोन से अपने परिजनों को खबर दी। उसके पिता ने रेलमंत्री को ट्विट कर इसकी जानकारी दी। हरकत में आए एनसीआर के इलाहाबाद मंडल ने इटावा स्टेशन पर छात्रा को खाना उपलब्ध करा दिया। डीआरएम इलाहाबाद ने इसकी पुष्टि की है।