पीसीएस, आरओ/आरओ सहित अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में केंद्र बनाए जाते हैं। आयोग में स्टाफ सीमित है और हर परीक्षा केंद्र तक पहुंच पाना आयोग कर्मियों के लिए संभव नहीं होता। परीक्षा केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को एक कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा और परीक्षा के दौरान आयोग के अफसर कंट्रोल रूम से केंद्रों पर सीधे नजर रख सकेंगे।
इसके साथ ही आयोग परिसर में प्रवेश करने वाले अभ्यर्थियों को हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर की जांच से होकर निकलना पड़ेगा। इंटरव्यू के दौरान आयोग में रोज सैकड़ों अभ्यर्थी पहुंचते हैं, लेकिन उनकी तलाशी या जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। आयोग के मीडिया प्रभारी विनोद कुमार गौड़ का कहना है कि इन नई व्यवस्थाओं के लागू होने से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस क्षेत्र में काम कर रहीं अनुभवी एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं। एजेंसी के माध्यम से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।