करीब पांच लाख यूनिट से अधिक बिजली की रीडिंग मीटर में स्टोर पाए जाने के बाद अफसरों की सख्ती से नाराज होकर मीटर रीडरों ने काम ठप कर दिया है। रामबाग, टैगोर टाउन और नैनी डिवीजन के 80 मीटर रीडरों के काम ठप कर दिया है। इससे बिलिंग और रीडिंग का काम पूरी तरह बंद हो गया है। इस बीच कई मीटर रीडरों ने इस्तीफा दे दिया है। इस बीच शाम को बिलिंग एजेंसी एन साफ्ट को चेतावनी जारी की गई। एन साफ्ट को चेताया गया है कि अगर काम प्रभावित हुआ तो उस पर पेनाल्टी लगा दी जाएगी।
शत-प्रतिशत बकाया वसूली करने और बिजली चोरी रोकने के लिए शासन के दबाव के बीच तीन डिवीजनों में रीडिंग और बिलिंग ठप होने से अफसरों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल रीडिंग और बिलिंग की शिकायतों की भरमार के बाद मुख्य अभियंता ओपी यादव ने मीटर चेक करने का निर्देश दिया था। मीटर चेकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में बिजली की रीडिंग मीटरों में स्टोर पाई गई।
इस पर टैगोर टाउन डिवीजन में एन साफ्ट पर चार लाख रुपये की पेनाल्टी तो लगाई ही गई थी, साथ ही जिन इलाकों में रीडिंग स्टोर पाई गई थी, उन मीटर रीडरों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की भी चेतावनी दी गई थी। रामबाग डिवीजन में सबसे अधिक बिजली की रीडिंग स्टोर मिली है।
अफसरों की ओर से कार्रवाई के लिए दबाव बनने के बाद इन तीनों खंडों के मीटर रीडरों ने काम ठप कर दिया है। अफसरों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कई मीटर रीडरों ने इस्तीफा भी दे दिया है। रामबाग डिवीजन में छह मीटर रीडरों ने इस्तीफा दिया है। पिछले छह दिनों से काम पूरी तरह ठप होने से इन डिवीजनों में एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं की रीडिंग और बिलिंग नहीं हो पा रही है। इससे अभियंताओं की चिंता बढ़ गई है। रामबाग के एक्सईएन आरके वर्मा ने मीटर रीडरों के काम ठप करने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एन साफ्ट को चेतावनी जारी कर दी गई है, कि अगर काम प्रभावित हुआ तो पेनाल्टी लगाई जाएगी।