इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहुचर्चित बिकरू कांड में आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर केके शर्मा उर्फ कृष्ण कुमार शर्मा की पांचवीं जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत ने दिया है। कहा कि कहा कि आवेदक पर लगे आरोप अत्यंत गंभीर हैं और एक पुलिस अधिकारी होने के नाते उन्होंने कर्तव्य का घोर दुरुपयोग किया, जिससे आठ पुलिस कर्मियों की निर्मम हत्या हुई।
आरोप है कि 2020 में गैंगस्टर विकास दुबे के खिलाफ छापे से पहले आवेदक ने उसे पुलिस कार्रवाई की सूचना दी। इससे उसने तैयारी कर पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में सीओ सहित आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी।
अदालत ने कहा कि भले ही याची लगभग चार साल 10 महीने से जेल में है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए यह अवधि लंबी हिरासत नहीं मानी जा सकती। साथ ही अभी कई महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही शेष है, जिनमें अधिकांश पुलिसकर्मी हैं। ऐसे में यदि याची को जमानत दी जाती है तो उनके गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने यह भी कहा कि गवाहों की जिरह तेजी से चल रही है। मुकदमा रुका हुआ नहीं है। याची को फिलहाल, रिहा करने का कोई आधार नहीं बनता। हालांकि, उसे उपयुक्त समय बीतने पर स्थिति रिपोर्ट के साथ पुनः जमानत याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी गई है।