चौफटका फ्लाई ओवर पर शनिवार को मांझे से एक बाइक सवार बैंककर्मी का गला कट गया। राहगीरों की मदद से उन्हें स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) लाया गया। दो दिन पहले भी चीनी मांझे में फंसकर दो लोग घायल हो गए थे।
अभिषेक सिंह कौशाम्बी के कनैली गांव के रहने वाले हैं। वह एचडीएफसी बैंक में पंचिंग मैन के रूप में कार्य करते हैं। साथी बृजेश ने बताया कि शनिवार को वह अपने घर से शहर की ओर बाइक से आ रहे थे। चौफटका फ्लाई ओवर पर पहुंचे ही थे कि अचानक उड़ते हुए उनके गले में चीनी मांझा फंस गया, जिसमें फंसकर वह कुछ दूर चले गए। बाइक रोकते-रोकते उनके गले में गहरा घाव हो गया।
वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। उन्हें खून से लथपथ देख राहगीरों की भीड़ जुट गई। किसी तरह उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डाॅक्टरों ने समय रहते ऑपरेशन किया, जिससे उनकी जान बच पाई। डॉ. प्रशांत सिंह ने बताया कि गला करीब चार इंच तक फट गया था, 13 टांके लगाए गए हैं। मरीज अब खतरे से बाहर है।
प्रतिबंध के बावजूद बिक रहा चीनी मांझा
बैन के बावजूद बाजारों में खुलेआम चीनी मांझे बिक रहे हैं। जिम्मेदार लोगों की इन पर नजर ही नहीं पहुंच रही है। औद्योगिक क्षेत्र निवासी मनोज तिवारी शुक्रवार को अपने एक साथी के साथ शहर से घर की ओर जा रहा थे। तभी अचानक उनके गले और पीछे बैठे साथी के हाथ में चीनी मांझा फंस गया। बाइक चला रहे मनोज का गला कट गया, जबकि पीछे बैठे व्यक्ति का हाथ कट गया। गनीमत रही कि बाइक धीरे थी। इसकी वजह से दोनों को कम घाव बना।