फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज में छोटे दुकानदारों पर गृहकर की बड़ी मार

विज्ञापन
Bigger gambling on small shopkeepers in Prayagraj
विज्ञापन
छोटे दुकानदारों पर गृहकर की बड़ी मार
विज्ञापन

0 आठ हजार से अधिक भवनस्वामियों को नगर निगम ने फिर भेजा भारीभरकम व्यावसायिक गृहकर
0 महंगा पड़ा नई सम्पत्तिकर नियमावली में संशोधन की राह देखना, बकाए पर चक्रवृद्धि ब्याज देना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। छोटी दुकानों के जरिए जीविका चलाने वाले दुकानदारों को नगर निगम ने फिर से भारीभरकम व्यवसायिक गृहकर भेजा है। वहीं चार वर्षों से नियमावली मेें संशोधन की राह देख रहे जिन छोटे दुकानदारों ने हाउसटैक्स जमा नहीं किया था, अब उनको बकाए पर चक्रवृद्धि ब्याज चुकाना पड़ेगा।
अनुमान के मुताबिक निगम की सीमा के भीतर आठ हजार से अधिक ऐसे छोटे दुकानदार हैं, जो अपने घर के एक हिस्से में जनरल मर्चेंट, चाय, सैलून जैसी छोटी दुकान खोलकर जीविका चलाते हैं। वर्ष 2015 में नगर निगम ने नई सम्पत्तिकर नियमावली के आधार पर इनके हाउसटैक्स में एकमुश्त चार-पांच गुना बढ़ोतरी कर दी। नई नियमावली में फाइव स्टार होटल एवं चाय की दुकान के बीच कोई फर्क नहीं किया गया। इस विसंगति पर विरोध शुरू हो गया। तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खान ने इसमें संशोधन का वायदा किया। इसकी आस में तमाम छोटे दुकानदारों ने तब से टैक्स जमा नहीं किया। उधर, नए वित्तीय वर्ष शुरू होने पर नगर निगम ने इन दुकानदारों को बढ़े हाउसटैक्स का ही बिल भेजना शुरू कर दिया। अभी तक टैक्स न चुकाने वालों को एरियर के साथ चक्रवद्धि ब्याज भी चुकाना होगा।
विज्ञापन

हालांकि, निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। कैबिनेट बैठक में इसे अब पेश किया जाना है। मंजूर होने के तुरंत बाद इसे लागू किया जाएगा। वहीं, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा का कहना है कि फिलहाल इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। नियमों के मुताबिक ही सभी बिल भेजे जा रहे हैं। भवनस्वामियों को डिमांड के मुताबिक ही टैक्स चुकाना होगा।
विज्ञापन

कल तक दाखिल की जा सकेंगी आपत्तियां
प्रयागराज। आवासीय हाउसटैक्स में प्रस्तावित बढ़ोतरी पर आपत्तियां सोमवार तक ही दर्ज की जा सकेंगी। आपत्तियां दर्ज होने के बाद नगर निगम सभी मामलों की सुनवाई करेगा और उसके पश्चात किराया दरें आखिरी तौर पर तय कर दी जाएंगी। नगर निगम ने पिछले माह हाउसटैक्स की नई दरें प्रस्तावित की थीं। इन दरों के लागू होने पर आवासीय भवनों के हाउसटैक्स में चार से पांच गुना तक की बढ़ोतरी संभव है। आवासीय टैक्स में बढ़ोतरी के बाद इसी आधार पर व्यवसायिक टैक्स की दरें भी बढ़ा दी जाएंगी।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें